बागेश्वर। स्व. चंदन राम दास को भाजपा में लाने वाले पूर्व राज्यपाल/उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने दास के निधन को बागेश्वर की ही नहीं उत्तराखंड की गहरी क्षति बताया है।
अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में कोश्यारी ने कहा कि चंदन राम दास के निधन की सूचना पाकर मन कोे अत्यंत पीड़ा हुई है। चंदन एक आदर्श राजनीतिज्ञ थे। वह मंत्रिमंडल के साथ ही क्षेत्र (बागेश्वर) में चंदन की भांति खुशबू बिखेरते थे। उनके कार्य करने की शैली अद्भुत थी। योजनाओं को पूरा कराने में उनकी काबिलियत के सब कायल थे, उनकी कार्यक्षमता उन्हें अन्य विधायकों से अलग करती थी।
भगत दा ने कहा कि चंदन उनके व्यक्तिगत मित्र थे। उन्हें क्षेत्र समाज के हित में कोई बात बताई जाती ती, तो उस पर तत्काल अमल करते थे। वह एसससी वर्ग के साथ ही गरीब और पिछड़े वर्ग की आशा के किरण थे। उनके निधन से जो रिक्तता आई है। उसे भर पाना संभ नहीं है। चंदन हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगे। कोश्यारी ने चंदन राम दास को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ईश्वर उनके परिवार और स्वजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
भाजपा ने बड़ा दलित चेहरा खोया
बागेश्वर। चंदन राम दास के रूप में भाजपा ने एक बड़ा दलित चेहरा खो दिया है। वह स्वच्छ छवि के राजनेता थे। उनका कभी भी किसी प्रकार के विवादों में नाम नहीं आया। उनकी बेदाग छवि रही। इसकी भरपाई भाजपा के लिए आसान नहीं होगी।
बीते 13 अप्रैल को मनाया था जन्मदिन
बगेश्वर। स्वर्गीय चंदन राम दास ने बीते 13 अप्रैल को अपना 66वां जन्मदिन परिजनों के साथ देहरादून स्थित सरकारी आवास पर मनाया था। कार्यक्रम में परिजन शामिल हुए थे।
मतदान के बाद ही जीत को थे आश्वस्त
बागेश्वर। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भले ही अस्वस्थता के कारण चुनाव अभियान में पूरी तरह से सक्रिय नहीं रह पाए, लेकिन 14 फ्रवरी 2022 को जब मतदान हुआ तो दास बेहद प्रसन्न मुद्रा में थे। उन्होंने जिला पंचायत स्थित बूथ में वोट डालने के बाद पत्नी पार्वती दास के साथ बाहर निकलते हुए मीडिया को विक्ट्री चिह्न बनाकर खुशी का इजहार किया था।