मेले को लेकर सरयू नदी के दोनों ओर चल रहा रंगरोगन और सजावट का काम, नदी पर बन रहा पुल। संवाद
बागेश्वर। इस महीने होने वाले उत्तरायणी मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर में रंगरोगन का काम जोरशोर से चल रहा है। सरयू और गोमती नदी के तट पर बनी दीवारों और घाटों को सजाने-संवारने का काम भी जारी है।
उत्तरायणी मेला जिले की सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत को सहेजने का काम करता है। पिछले साल मेले के दौरान मेला स्थल पर दीवारों में मेले के इसी स्वरूप और कुमाऊं की काशी के नाम से विख्यात बागेश्वर के महत्व को प्रदर्शित करते हुए चित्र अंकित किए गए थे। उन्हें रंगरोगन का आकर्षक बनाने का काम चल रहा है। बागनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार समेत मंदिर परिसर, सरयू नदी किनारे बने घाटों, गोमती और सरयू पुल, नगर की सड़कों के किनारे बनी दीवार, सरयू और गोमती नदी के तट समेत मेला स्थल नुमाइशखेत और आसपास के क्षेत्र में रंगरोगन किया जा रहा है। सरयू नदी पर लकड़ी के अस्थायी पुल काम भी अंतिम चरण में है। गोमती नदी पर पुल बनाना शेष है। मेले को लेकर बाहरी व्यापारियों के आवेदन आने शुरू हो गए हैं। पांच जनवरी के बाद ही दुकान आवंटित की जाएंगी। इधर, ईओ हयात सिंह परिहार ने कहा कि मेले की तैयारियां चल रही हैं। मेले से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी। संवाद