बागेश्वर के तहसील रोड स्थित हैंडपंप में बृहस्पतिवार की रात 9 बजे पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। बागेश्वर में गंभीर जल संकट खड़ा हो गया है। नौले, धारे, हैंडपंप लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। जल संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तहसील रोड के हैंडपंप को रात में भी फुर्सत नहीं मिलती है। 50 हजार आबादी वाले जिला मुख्यालय को जरूरत का आधे से भी कम पानी मिल रहा है। नगर को रोज 7.28 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, लेकिन विभिन्न योजनाओं से केवल 3.60 एमएलडी पानी मिल रहा है। आधे से भी कम पानी की आपूर्ति होने का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। तहसील रोड, मंडलसेरा समेत तमाम इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति होती है। तहसील रोड में तो एक दिन छोड़कर भी रात के 11 बजे पानी दिया जाता है। पानी के लोगों को अपनी रात खराब करनी पड़ती है। इन हालात में लोग हैंडपंप, जलधारों पर निर्भर हो गए हैं। धन्य हो तहसील रोड पर लोनिवि आवासीय कालोनी के समीप के हैंडपंप को। इस हैंडपंप में देर रात तक पानी भरने के लिए लोगों की लाइन लगती है। नगर के लोग रिक्शे में पानी भरकर ले जाते हैं। जल संकट का ही असर कहेंगे कि लोग रात्रिकालीन कर्फ्यू तोड़कर पानी भरने के लिए नौ-दस बजे रात तक हैंडपंप पर पहुंचते हैं। जखेड़ा पेयजल योजना का पुनर्गठन, मंडलसेरा पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। जल संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए अभी एक साल का इंतजार करना होगा। यानि कि शहर के लोगों को पानी किल्लत से हाल-फिलहाल निजात मिलने वाली नहीं है।