कपकोट से देवीकुंड के लिए रवाना होने से पूर्व टीम को ब्रीफ करते एसडीएम और सीओ।
कपकोट/बागेश्वर। सुंदरढुंगा घाटी में देवीकुंड में बने चर्चित मंदिर की जांच के लिए प्रशासन ने टीम रवाना कर दी है। दानपुर सेवा समिति ने सोमवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में मंदिर बनने और देवीकुंड में स्नान करने का मामला डीएम के सामने उठाया था। कांग्रेसियों ने भी इस संबंध में डीएम को ज्ञापन दिया था। डीएम के निर्देश पर कपकोट के एसडीएम अनुराग आर्य ने 17 सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में कपकोट के तहसीलदार राजेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष कैलाश सिंह बिष्ट, एसडीआरएफ, वन, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के कार्मिक शामिल हैं।
देवीकुंड, कपकोट से करीब 70 किमी की दूरी पर सुंदरढूंगा ग्लेशियर क्षेत्र में है। वहां पहुंचने में टीम को दो दिन का समय लगेगा। देवीकुंड के पास आनंदेश्वरी मां दुर्गा मंदिर का निर्माण स्थानीय लोगों के सहयोग से स्वामी चैतन्य आकाश की देखरेख में हुआ है। दानपुर सेवा समिति के लोगों को देवीकुंड में मंदिर बनाने और कुंड में स्नान करने पर आपत्ति है। स्वामी चैतन्य आकाश का देवीकुंड में स्नान करने का फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।
एसडीएम, कपकोट, अनुराग आर्य ने बताया कि दानपुर सेवा समिति के कुछ लोग डीएम से मिले थे। इन लोगों का आरोप था कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में अवैध निर्माण किया गया है। जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। टीम में एसडीआरएफ, पुलिस, वन, आपदा के विशेषज्ञ शामिल हैं। अवैध निर्माण का मामला सामना आया तो नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। स्वामी चैतन्य आकाश का सत्यापन पुलिस कर रही है।