बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में थिएटर इन एजुकेशन कार्यशाला जारी रही। कार्यक्रम में शिक्षकों को कहानी के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाना सिखाया गया। इसमें 40 प्राथमिक शिक्षक भागीदारी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को संदर्भदाता सिमरन नागपाल और डिंपल मेहता ने कहानी कहने के दौरान चेहरे के हावभाव, कहानी की गति और प्रस्तुतीकरण के दौरान शारीरिक भाषा में तालमेल की जानकारी दी। बताया कि समूह में तालमेल, सहयोग और आपसी समझ विकसित कर कक्षा-कक्ष को अधिक सहभागितापूर्ण बनाया जा सकता है। थियेटर एजुकेशन बच्चों में टीमवर्क, भरोसा और नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करने में अत्यंत प्रभावी तकनीक है। उन्होंने विद्यार्थियों की स्मृति, कल्पनाशीलता और आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए रिटेलिंग या बार-बार दोहराने पर जोर देने को कहा। अंतिम सत्र में कविता और अभिनय के माध्यम से शिक्षण की जानकारी दी। डायट प्राचार्य चक्षुष्पति अवस्थी ने दिनभर की गतिविधियों की सराहना की। वहां रवि कुमार जोशी आदि रहे।