बागेश्वर। कपकोट के पोथिंग गांव से चार किमी की दूरी पर स्थित सुकुंडा ताल के दिन जल्द बहुरने वाले हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्र में बने इस जलाशय का जलस्तर पिछले कुछ वर्षों से लगातार कम होता जा रहा था। इसे बचाने के लिए शासन से 60.38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत राशि की पहली किश्त के रूप में 36.23 लाख रुपये शासन से अवमुक्त हो गए हैं।
सुकुंडा ताल को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर सूर्योदय से पूर्व रोज देवता स्नान करने आते हैं। ताल की दूरी जिला मुख्यालय से 38 किमी है। कपकोट से 12 किमी पोथिंग गांव तक वाहन से जाने के बाद चार किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। समुद्र तल से करीब पांच हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस ताल के आसपास प्राकृतिक सौंदर्य की भरमार है। ताल तक पहुंचने के लिए पोथिंग गांव के अलावा दूणी-सुकुंडा मोटर मार्ग से भी जाते हैं। जगथाना गांव से भी सुकुंडा के लिए पैदल मार्ग बना है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सुकुंडा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की समय-समय पर मांग उठती रही है। पूर्व में इस जलाशय में पानी लबालब भरा रहता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पानी की मात्रा कम होने लगी है। शासन-प्रशासन की बेरुखी के चलते भी इसकी उपेक्षा होती रही। लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद शासन का ध्यान इस ओर गया और मुख्यमंत्री ने इसके संरक्षण को अपनी घोषणा में शामिल किया। अब मिनी स्विटजरलैंड के नाम से विख्यात कौसानी के बराबर ऊंचाई और उसी तरह के प्राकृतिक संसाधनों के बीच बसे सुकुंडा ताल का जल्द विकास होने की उम्मीद है।
जल संचय को बिछेगी सीट, बैंच, सीढ़ी और रेलिंग भी बनेगी
बागेश्वर। सुकुंडा ताल के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग कपकोट करेगी। सहायक अभियंता जेएस बिष्ट ने बताया कि सुकुंडा ताल की लंबाई 134 मीटर है। ताल एक सिरे से 61 मीटर और दूसरे सिरे से 19 मीटर चौड़ा है। ताल संरक्षण के लिए भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार जलाशय में जल संरक्षण के जियो मेंब्रेन लाइनर (शीट) बिछाई जाएगी। सौंदर्यीकरण के लिए रेलिंग, सीढ़ी और बैठने के लिए बैंच बनाने की योजना है। जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी और काम शुरू होगा।
प्रदेश सरकार नदियों, झीलों, जलाशयों को बचाने और पुनर्जीवित करने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। सुकुंडा ताल के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के बाद क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। क्षेत्र के विकास से युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट