बागेश्वर में अपनी मां के साथ दुष्कर्म कर पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले बेटे को सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अदालत ने 12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को 15,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
29 नवंबर 2024 को गरुड़ तहसील के एक गांव की बुजुर्ग महिला ने राजस्व उपनिरीक्षक को अपने 28 साल के पुत्र के खिलाफ दुष्कर्म की तहरीर दी थी। बताया कि जब वह जंगल में लकड़ी बीनने जा रही थी इसी दौरान उनका पुत्र भी पीछे-पीछे आ गया। सुनसान जंगल में एक गधेरे के पास पुत्र ने उन्हें लेटा दिया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर दो बार दुष्कर्म किया। राजस्व उपनिरीक्षक कुंदन मेहता ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर महिला का मेडिकल कराया और आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने रेग्युलर पुलिस को विवेचना सौंपी।
बैजनाथ पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष में न्यायालय में 12 गवाह पेश कराए। अदालत ने गवाहों के बयान और पत्रावली का गहन अध्ययन करने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। विचारण के दौरान आरोपी अल्मोड़ा जेल में ही बंद था। सजा का ऐलान होने के बाद उसे दोबारा वहीं भेज दिया गया है।