महाराष्ट्र के नागपुर में परिजनों के साथ बागेश्वर के बुजुर्ग दाहिने से दूसरे। सौजन्य बागेश्वर पु
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। नागपुर में अपने घर से बिछड़े एक बुजुर्ग को उनके परिजनों से मिलवाने में सोशल मीडिया की भूमिका फिर सामने आई है। वीडियो सोशल मीडिया में चला तो उसमें बुजुर्ग को बागेश्वर निवासी बताया गया। यहां पुलिस ने पता लगाया तो मालूम हुआ कि उनके पुत्र नागपुर में ही नौकरी करते हैं। यहां से सूचना मिलने के बाद अब नागपुर में बुजुर्ग को उनके पुत्र घर ले गए हैं।
विगत 29 जनवरी को नागपुर में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हितेश नंदकुमार बंसोड़ ने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया। इसमें बुजुर्ग प्रकाश सिंह कोरंगा को बागेश्वर का रहने वाला बताया गया था और उनके घर से बिछड़ने की बात कही गई। वीडियो वायरल होता हुआ बागेश्वर तक पहुं्चा। यहां नागपुर और स्थानीय पुलिस ने आपस में संपर्क कर बेटे का पता लगाया। इसके बाद यहां से सूचना नागपुर में उनके पुत्र गोकुल कोरंगा को दी गई। गोकुल कोरंगा नागपुर में ही आर्मी कैंटीन में नौकरी करते हैं। पिता की जानकारी मिलने के बाद वह 30 जनवरी को हितेश के घर से पिता को अपने घर ले आए हैं। बुजुर्ग मूल रूप से हल्द्वानी पीलीकोठी के रहने वाले हैं।
गरुड़ के सामाजिक कार्यकर्ता अखिल जोशी आजाद ने बताया कि प्रकाश कोरंगा का वीडियो वायरल करने वाले युवक हितेश और बुजुर्ग के पुत्र गोकुल से बातचीत हुई है। बुजुर्ग पूर्व सैनिक हैं, वह भटक गए थे। वहीं हितेश ने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में मदद करने पर उत्तराखंड के लोगों का आभार जताया है।
कोट
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नागपुर और स्थानीय पुलिस से संपर्क कर बुजुर्ग के बेटे का पता लगाया गया। बुजुर्ग का परिवार मूल रूप से हल्द्वानी, पीलीकोठी का रहने वाला है जो फिलहाल नागपुर में रहता है। आपसी समन्वय के बाद बुजुर्ग को उनके बेटे से मिलवा दिया गया है। - हिमांशु वर्मा, एसपी बागेश्वर