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Bageshwar News: ...तो खड़िया खनन से उत्पन्न खतरे को नजरंदाज किया गया?

Sun, 16 Apr 2023 12:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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खतरा : कांडा के सुनारगांव में जमीन में पड़ी दरार। संवाद
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बागेश्वर। जिले में खड़िया खदानों का दंश सैकड़ों गांव भुगत रहे हैं। लोगों के गौचर, पनघट, रास्ते, जमीन को जबरदस्त क्षति पहुंच रही है। खड़िया खनन से प्रभावित क्षेत्रों में अब कांडा तहसील के प्रमुख बाजार कांडा पड़ाव का नाम भी जुड़ गया है। खड़िया खनन के कारण कांडा पड़ाव के ऐतिहासिक महाकाली मंदिर के साथ ही कांडा के गैस गोदाम के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। केएमवीएन ने गैस गोदाम पर मंडराए खतरे को जनवरी में जिला प्रशासन के सामने उठा दिया था।
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खड़िया खदान क्षेत्र से लगी जमीन पर वर्ष 2012 में केएमवीएन ने गैस गोदाम का निर्माण किया था। इसी से सटी जमीन पर करीब 6-7 साल पहले खड़िया की लीज स्वीकृत हुई। बीते 31 जनवरी को केएमवीएन के महाप्रबंधक एपी वाजपेई ने जिलाधिकारी को रजिस्टर्ड डाक और ई-मेल से भेजे पत्र में गैस गोदाम से सटी जमीन पर खनन होने से गैस गोदाम को खतरा बताया था।
अमर उजाला के पास उपलब्ध पत्र में उल्लेख है कि गैस गोदाम के पास 21 जनवरी 2023 से खनन का कार्य शुरू किया गया। इससे गैस गोदाम के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। केएमवीएन के जीएम ने पत्र में उल्लेख किया है कि गैस गोदाम से सटी जमीन में खनन होने से इंडियन ऑयल कारपोरेशन/विस्फोटक विभाग गैस गोदाम का लाइसेंस निरस्त कर सकता है। लाइसेंस निरस्त हुआ तो संबंधित क्षेत्रों में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हो जाएगी। संवाद
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जमीन के खुर्दबुर्द करने का भी जताया था अंदेशा
बागेश्वर। केएमवीएन के नाम कांडा में 9.8 मुठ्ठी जमीन दर्ज है। इस भूमि के कुछ हिस्से पर गैस गोदाम का निर्माण हुआ है। केएमवीएन के जीएम एपी वाजपेई ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि निगम के नाम दर्ज पूरी जमीन पर निगम का कब्जा नहीं है। इसको लेकर 28 अक्तूबर 2016 को कांडा के एसडीएम को पत्र लिखकर निगम के नाम दर्ज जमीन का सीमांकन कराने की मांग की गई थी। जमीन के खुर्दबुर्द होने का अंदेशा जताया था। बीते 17 मार्च को एक बार फिर कांडा के एसडीएम को उक्त भूमि का सीमांकन करने के संबंध में पत्र भेजा गया था। अब तक जमीन का सीमांकन नहीं हो पाया है। सीमांकन न होने से निगम अपनी संपूर्ण जमीन की घेराबंदी नहीं कर पा रहा है। संवाद
खनन पर लगा दी है रोक : डीएम
बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल का कहना है कि खड़िया खनन से खतरा उत्पन्न का मामला कांडा भ्रमण के दौरान बीते मंगलवार को संज्ञान में आया था। उन्होंने स्वयं स्थल की निरीक्षण किया। खड़िया खदान में मशीनों के प्रयोग से कांडा के सुनारगांव को जाने वाले पैदल रास्ते पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। महाकाली मंदिर के पीछे की जमीन में भी दरारें आई हैं। जमीन दरकने से इलाके के लोग चिंतित हैं। लोगों को भूस्खलन का खतरा सता रहा है। डीएम ने इन समस्याओं को देखते हुए उसी समय मशीनों से खनन करने पर रोक लगा दी। मशीनों के प्रयोग के साथ ही ड्रिलिंग पर पूरी तरह से रोक है। खनन का काम रोक दिया गया है। कांडा के तहसीलदार को मौके पर तैनात किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। भू वैज्ञानिक भी मौके पर तैनात हैं। भू वैज्ञानिक से रिपोर्ट मांगी गई है। अनुबंधकर्ता को स्थल पर पड़ी खनन सामग्री और सामान उठाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि खदान में खनन का कार्य पूरी तरह से बंद है। जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। संवाद
खड़िया खनन से गैस गोदाम को खतरा होने संबंधी केएमवीएन का पत्र मेरे संज्ञान में नहीं है। केएमवीएन के अधिकारियों ने इस संबंध में मुझसे संपर्क नहीं किया है। डाक से पत्र भेजा गया होगा तो हो सकता है कि पत्र डिस्पैच में पड़ा हो। इसका पता लगाया जाएगा। नियमानुसार केएमवीएन की जमीन का सीमांकन करने के निर्देश दिए जाएंगे। - अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।
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