बागेश्वर के जिला अस्पताल का आईसीयू वार्ड। संवाद
बागेश्वर। जिला अस्पताल की दूसरी मंजिल के आठ वार्ड में से सात वार्ड में पानी का रिसाव हाे रहा है। छत से पानी टपकने के कारण चार वार्ड में ताला लगा दिया गया है जबकि तीन वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इनमें भी बरसात के पानी का रिसाव हो रहा है। बीते दो जून को बारिश के कारण जिला अस्पताल के दो वार्ड में पानी का रिसाव होने लगा था। शनिवार को रिसाव का दायरा बढ़कर सात वार्ड तक पहुंच गया। जल रिसाव के कारण आईसीयू, एचडीयू (उच्च निर्भरता इकाई), बुजुर्ग, बच्चा वार्ड की दीवारों में करंट दौड़ रहा है। इस वजह से चारों वार्ड में ताला लगा दिया गया है। जनरल, हड्डी और पुरुष वार्ड की दीवारों में भी पानी रिसने लगा है। जनरल वार्ड में सात, हड्डी वार्ड में चार और पुरुष वार्ड में चार मरीजों को भर्ती किया गया है। अव्यवस्थाओं के कारण पुरुष वार्ड में एक बुजुर्ग महिला को भर्ती करना पड़ा है।
जिला अस्पताल के छह कक्षों में सुधारीकरण और नवीनीकरण का कार्य भी चल रहा है। आईसीयू वार्ड में एनबीएसयू (नवजात शिशु स्टेबलाईजेशन यूनिट) को स्थानांतरित किया गया था लेकिन शनिवार को आईसीयू वार्ड में जल रिसाव होने के कारण वार्ड को बंद कर दिया गया। एनबीएसयू का संचालन बुजुर्ग वार्ड में किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के लिए गैलरी और ट्रामा सेंटर में 18 बेड के इंतजाम किए गए हैं।
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छत से पानी का रिसाव होने के कारण चार वार्ड बंद किए गए हैं। कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण यह हालात बने हुए हैं। मानसून आने से पहले ही संस्था को इस बारे में अवगत कराया गया था। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
-डॉ. वीके टम्टा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल बागेश्वर।