कपकोट के लीती गांव के कीम तोक में पेयजल लाइन की मरम्मत करते ग्रामीण। संवाद
कपकोट/बागेश्वर। लीती गांव के लोगों ने आत्मनिर्भरता का एक उदाहरण पेश कर व्यवस्थाओं को आईना दिखाने का काम किया है। लीती ग्राम पंचायत के कीम तोक में छह महीने से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग से गुहार और पुकार लगाई। थक हारकर खुद लाइन की मरम्मत का बीड़ा उठाया और गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर ली।
लीती गांव के अनुसूचित जाति बस्ती कीम तोक में 42 परिवार निवास करते हैं। तोक की पेयजल लाइन छह महीने पहले टूट गई थी, जिसके बाद से गांव में पानी का संकट बना हुआ था। लोगों को पेयजल स्रोतों से पीने का पानी जुटाना पड़ रहा था। पूर्व ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश ने बताया कि कई बार विभाग को समस्या बताने के बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने श्रमदान कर लाइन की मरम्मत करने का विचार किया।
रविवार को गांव के जागरूक युवाओं ने स्वयं के प्रयासों से पेयजल लाइन की मरम्मत की और गांव की पेयजल आपूर्ति सुचारू की। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्र होेने के कारण अक्सर गांव की समस्याओं का समय पर निदान नहीं होता है। वहां पर उमेद राम, मोहन राम, नीरज कुमार, इंद्र कुमार, जगदीश राम, विनोद कुमार, उमेश राम, गोविंद राम, गौरव कुमार आदि मौजूद रहे।