कपकोट में सैलून का उद्घाटन करते विनोद कपकोटी। संवाद न्यूज एजेंसी
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कपकोट/बागेश्वर। कोरोना के चलते घर लौटे प्रवासी स्वरोजगार करने लगे हैं। कपकोट गांव निवासी नंदन सिंह कपकोटी के बेटे विनोद कपकोटी ने बताया कि वह गुरुग्राम हरियाणा में इलेक्ट्रिक रोबोट शॉप में काम करते थे। कोरोना काल में वह 22 मार्च को हल्द्वानी लौट गए और अगले दिन घर पहुंच गए। इसके बाद लॉकडाउन के चलते उन्हें बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन के दौरान वह गांव में बाल काटने का अभ्यास करने लगे। इसके लिए वह आसपास के गांवों तक गए। अनलॉक-1 में उन्होंने बागेश्वर नगर में बाल काटने की ट्रेनिंग ली और बाल काटने की बारीकियां सीखीं। बताया कि 15 साल बाहर नौकरी करने के बाद उन्होंने अपने गांव में सैलून खोलने का निर्णय लिया। कपकोट बाजार स्थित तहसील रोड के पास उन्होंने रविवार को सैलून का शुभारंभ किया। बताया कि वह स्थानीय इच्छुक व्यक्तियों को भी काम सिखाएंगे। बताया कि उनका बड़ा भाई गणेश कपकोटी चेन्नई में नौकरी करता है। समाजसेवी महिमन कपकोटी ने भी विनोद की सराहना की है।