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Bageshwar: तीन दिन में दूसरी बार सीएचसी में नशेड़ियों का हंगामा, रात में महिला नर्सिंग स्टाफ के साथ की अभद्रता

Fri, 15 May 2026 04:28 PM IST
गायत्री जोशी संवाद न्यूज एजेंसी

सार

सीएचसी बैजनाथ में तीन दिन में दूसरी बार नशेड़ियों ने अस्पताल की महिला नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता की है। मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर पुलिस को तहरीर सौंपी गई है।
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बैजनाथ सीएचसी में नशेड़ियों की अभद्रता से परेशान नर्सिंग स्टाफ की सदस्य को सांत्वना देतीं एमओआईसी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बागेश्वर जिले के सीएचसी बैजनाथ में सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा ताक पर है। रात के समय नशेड़ी अस्पताल में हंगामा कर रहे हैं। तीन दिन में दूसरी बार नशेड़ियों ने अस्पताल की महिला नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता की है। ऐसी घटनाओं के बढ़ने से कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में पुलिस को तहरीर सौंपी गई है।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को अस्पताल में शांति देवी निवासी बंड, पन्याली दमा का इलाज कराने के लिए भर्ती थी। रात को दस बजे पांच-छह लोग वाहन संख्या यूके 02 टीए 3143 में सवार होकर अस्पताल आए। उन्होंने खुद को मरीज शांति का तीमारदार बताया था। देर रात उन युवकों ने नशे की हालत में अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ पर भी छींटाकशी करते हुए छेड़खानी करने लगे। कर्मचारियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी।

पुलिस के आने की सुगबुगाहट होते ही नशेड़ी युवक भाग खड़े हुए। हालांकि उनकी हरकतों से अस्पताल में काम करने वाली महिला कर्मचारी काफी डरी हुई हैं। एमओआईसी समेत नर्सिंग अधिकारी मनीषा आर्या, एमओ डॉ. प्रीति जोशी, कक्ष सेविका कमला तिरुवा, फार्मासिस्ट अनिल महरा और कक्ष सेवक नीरज थापा ने बैजनाथ थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

12 मई की रात भी काटा था हंगामा

विगत 12 मई की रात भी कुछ नशेड़ियों ने अस्पताल में हंगामा किया था। इस दौरान भी महिला कर्मचारियों से अभद्रता करने की कोशिश की गई थी। अस्पताल की सूचना पर पुलिस मौके पर आई थी लेकिन तब भी हंगामा करने वालों का पता नहीं चल पाया था।

अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ में महिलाएं अधिक हैं लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। नशेड़ियों के डर से महिला कर्मचारी काफी डरी हैं और रात में ड्यूटी करना नहीं चाहती हैं। अगर कर्मचारियों को सुरक्षा नहीं मिली तो इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उच्चाधिकारियों और पुलिस को पत्र लेकर सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। - डॉ. सपना राजपूत, एमओआईसी, सीचसी बैजनाथ

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