बागेश्वर। राइंका वज्यूला में विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया। बाल वैज्ञानिकों ने पवन ऊर्जा और जल ऊर्जा से संचालित होने वाले विभिन्न मॉडल बनाए। ऊर्जा के नवीनीकरण स्रोत की परिकल्पना को साकार करते हुए स्मार्ट हाउस का निर्माण किया। स्मार्ट हाउस का निर्माण इस विधि से किया गया कि मकान की छत और रास्ते से ही घर के लिए पर्याप्त बिजली पैदा की जा सके।
कार्यशाला का शुभारंभ प्रधानाचार्य दीपक आर्या ने किया। भौतिक विज्ञान प्रवक्ता आलोक पांडेय के निर्देशन में इंटरमीडिएट कक्षाओं के बाल वैज्ञानिकों ने कार्यशाला में भागीदारी की।
बाल वैज्ञानिक रिया कबडोला, सावन, पवन थापा, नितिन जोशी, नेहा आर्या, गायत्री थापा, भावना गुरुंग, मोहित सती, अंकित, संदीप ने हवा और पानी से बिजली का निर्माण, प्लास्टिक की बोतल, निष्प्रयोज्य पाइप और बैटरी से वैक्यूम क्लीनर, डबल बैट्री ऑपरेटेड कार, एसी को डीसी में बदलने, घर को चोरों से सुरक्षित रखने के लिए लेजर अलार्म आदि का निर्माण किया।
कार्यशाला का आकर्षण स्मार्ट हाउस रहा। प्रवक्ता पांडेय ने बताया कि इस घर में उपयोग होने वाली बिजली बाहर से नहीं ली जाती, प्रकृति और विज्ञान के मेल से बिजली को तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण होने के बाद अब छात्र-छात्राओं को रोजाना नई बातें सीखने को मिल रही हैं। जल्द ही प्रयोगशाला के माध्यम से बाल वैज्ञानिकों को मिट्टी और पानी की रेडियोधर्मिता मापने के गुर सिखाए जाएंगे। वहां पर आरके मिश्रा, राजेश्वरी कार्की, हरीश फर्स्वाण आदि मौजूद रहे।