बागेश्वर। बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अस्पताल विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। जिले के बैजनाथ स्थित सीएचसी भी विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी से जूझ रहा है। बैजनाथ सीएचसी के हाल कपकोट विधानसभा क्षेत्र के दोनों सीएचसी कपकोट और कांडा से कुछ बेहतर हैं। बैजनाथ सीएचसी में छह में से तीन पदों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती है। कपकोट और कांडा सीएचसी में एक भी विशेषज्ञ डाॅक्टर नहीं है।
जिले के गरुड़ क्षेत्र के साथ चमोली जिले के सीमावर्ती इलाकों के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए बैजनाथ सीएचसी पर निर्भर हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बैजनाथ सीएचसी में फिजिशियन, महिला रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक पद पर तैनाती है। सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ के साथ एक अन्य विशेषज्ञ डाॅक्टर का पद रिक्त है। सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सर्जरी और बच्चों की बीमारी के लिए जिला अस्पताल या बाहरी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।
अस्पताल में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी दूर करने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन जनता की यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है। शासन में बैठे लोग राज्य में ही डाॅक्टरों की कमी होने का हवाला देकर कर्तव्यों की इतिश्री कर देते हैं।
कोट
बैजनाथ अस्पताल में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी दूर होनी चाहिए।
दीवान सिंह उत्तराधिकारी स्वाधीनता सेनानी
विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लोगों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय के साथ बाहरी क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है।
रघुवीर सिंह नेगी सामाजिक कार्यकर्ता
बैजनाथ अस्पताल में सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती प्राथमिकता से होनी चाहिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
पूजा मेहरा व्यापार मंडल अध्यक्ष, कौसानी
विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ. हरीश पोखरिया डिप्टी सीएमओ, बागेश्वर