बागेश्वर। बिचला दानपुर का लीती क्षेत्र को तेजपत्ता उत्पादन हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सगंध पौधा संस्थान सेलाकुई देहरादून के विशेषज्ञों ने लीती को तेजपत्ता उत्पादन के अनुकूल पाया है। इसी को देखते हुए संस्थान ने लीती के 50 काश्तकारों को 2250 तेजपत्ता के पौधे प्रदान किए हैं। तेजपत्ता उत्पादन को लेकर काश्तकारों में उत्साह है।
पहाड़ में तेजपत्ता धीरे-धीरे व्यवसाय का रूप ले रहा है। पड़ोसी पिथौरागढ़ जिले के होकरा के साथ ही तल्लाजोहार के कई इलाकों में लोग तेजपत्ता से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। सगंध पौधा संस्थान के जिला समन्वयक विजय बमोला ने कहा कि लीती तेजपत्ता उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
इसी को देखते हुए संस्थान ने क्षेत्र के किसानों को कलस्टर अवधारणा के साथ तेजपत्ता की खेती से जोड़ने का निर्णय लिया है। कलस्टर से जुड़े कृषकों को बीज, पौध, तकनीकी परामर्श दिया जाएगा। बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। विपणन की कोई समस्या नहीं आएगी। प्रगतिशील काश्तकार लीती महिला मंगल दल की अध्यक्ष धना कोरंगा ने कहा तेजपत्ता उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
इस मौके पर काश्तकार सुरेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, केशर सिंह, नंदी देवी, कलावती देवी, प्रताप सिंह, पोखर सिंह आदि मौजूद थे।