बागेश्वर। निर्माणाधीन मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का एक वितरण टैंक वन विभाग के कार्यालय के पास ऊंचाई में बनाया जाएगा। वितरण टैंक ऊंचाई पर बनाने से जिला मुख्यालय के निचले इलाके में आसानी से पानी पहुंचाने में मदद मिलेगा। टैंक निर्माण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा दिया गया है।
11.21 करोड़ रुपये से मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना वर्ष 2020 से बन रही है। 3.7 एमएलडी की योजना का काम मार्च 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था। योजना का अधिकांश काम पूरा हो गया लेकिन मुख्य टैंक के निर्माण का मामला वन भूमि के मामले का निस्तारण न होने के कारण नहीं हो पाया। करीब तीन महीने पहले तत्कालीन कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के प्रयासों से मुख्य टैंक के निर्माण के लिए सात नाली निजी भूमि पेयजल निगम ने खरीदी। योजना के मुख्य टैंक का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
योजना में वितरण टैंक भी नहीं बन पाया है। इसके लिए वन विभाग के कार्यालय के पास जमीन चयनित की गई है। पेयजल निगम के ईई वीके रवि ने बताया कि टैंक का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन मंडलसेरा योजना को जल्द से जल्द पूरा कराना चाहता है। टैंक के प्रस्ताव को एक-दो दिन के भीतर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी मिलते ही वितरण टैंक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। छह महीने में योजना का काम पूरा हो जाएगा।
योजना बागेश्वर के लिए खास, टिकी है आस
बागेश्वर। बागेश्वर नगर के लोगों के लिए मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का खास महत्व है। इस योजना से लोगों को आस है। योजना बनने के बाद नगर की फिलहाल की पानी की जरूरत पूरी हो जाएगी। नगर में इस समय 2.5 एमएलडी पानी की कमी है। 3.7 एमएलडी की निर्माणाधीन योजना पर पेयजल संकट से जूझ रहे बागेश्वर नगर के लोगों की नजर टिकी हुई हैं। नगर के मंडलसेरा, तहसील रोड से सटे इलाके, मजियाखेत, कफलखेत, सैंज समेत कई इलाके पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। मंडलसेरा योजना जनता को समर्पित होने के बाद नदियों की नगरी बागेश्वर हाल-फिलहाल के लिए पेयजल संकट से निजात पा लेगी।