बागेश्वर। पशुओं को खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं का निशुल्क टीकाकरण शुरू कर दिया है। पहले दिन 1091 पशुओं को टीके लगाए गए। विभाग ने एक महीने में टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
जिले में 1,07,613 गोवंशीय और महिषवंशीय पशु हैं। चार महीने से कम आयु वाले और आठ महीने से अधिक आयु के गाभिन, बीमार, शारीरिक रूप से कमजोर पशुओं को छोड़कर सभी स्वस्थ पशुओं का घर जाकर टीकाकरण कराया जाएगा। विभाग ने पहले दिन 784 गोवंश और 307 महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया। टीकाकरण के दौरान ग्रामीणों को बीमारी के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में जागरूक किया गया।
क्या है खुरपका-मुंहपका बीमारी
बागेश्वर। खुरपका-मुंहपका विषाणु जनित संक्रामक रोग है। अमूमन यह बीमारी मानसून या उसके बाद होती है। संक्रमण के प्रभाव से पशु के मुंह, जीभ और पैरों में छाले पड़ जाते हैं। बीमार पशुओं को खाने-पीने और चलने में दिक्कत होती है। बीमारी का असर पशु की शारीरिक क्षमता और उत्पादन पर पड़ता है। बीमारी से छोटे पशुओं को छोड़कर वयस्कों की मृत्यु दर काफी कम होती है लेकिन उत्पादन की काफी अधिक हानि होती है।
लंपी संक्रमण के चलते देरी से हो रहा टीकाकरण
बागेश्वर। खुरपका-मुंहपका बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए साल में दो बार टीकाकरण किया जाता है। पहला चरण मार्च-अप्रैल जबकि दूसरा सितंबर-अक्तूबर में चलता है। इस साल लंपी संक्रमण के कारण टीकाकरण में देरी हो रही है। पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मार्च से जून तक लंपी फैला था और इस दौरान लंपी से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा था। इसे देखते हुए भारत सरकार ने पांच जुलाई से खुरपका-मुंहपका के टीकाकरण की तिथि निर्धारित की थी। लंपी से पशुओं की प्रतिरोधक क्षमता में आई कमी को देखते हुए कुछ दिन और टीकाकरण टल गया। इस साल अगले चरण का टीकाकरण नवंबर के महीने में हो सकता है।
52 कार्मिक, करीब एक लाख पशु
बागेश्वर। खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाव के लिए जिले में 90 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण होगा। टीकाकरण के लिए विभाग ने पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी समेत 52 कार्मिक लगाए हैं। एक महीने में इन कर्मचारियों के लिए टीकाकरण का काम करना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। कार्मिकों को अन्य रोजमर्रा की ड्यूटी के लिए भी समय निकालना होगा। भौगोलिक हालात के साथ सामंजस्य बैठाकर नियत समय में घर-घर टीकाकरण करना आसान नहीं रहेगा।
खुरपका-मुंहपका बीमारी से बचाव के लिए पशुओं के टीकाकरण की शुरूआत हो गई है। लक्ष्य कठिन है लेकिन तय समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। पशुपालकों से भी जागरूक होकर टीकाकरण कार्य में सहयोग करने की अपील की जा रही है। डॉ. कमल पंत, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बागेश्वर।