बागेश्वर। जिला गठन के 26 साल बाद जिला अस्पताल का भवन बनने का रास्ता साफ हुआ है। वर्ष 2004 से जिला अस्पताल सीएचसी के भवन में संचालित हो रहा है। जिला अस्पताल के भवन को मंजूरी मिलने में 19 साल लग गए।
पिछले तीन साल से अमर उजाला ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया। जिला अस्पताल का अपना भवन न होने पर लगातार सवाल खड़े किए। सरकार और चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर प्रमुखता से दबाव बनाया। धामी सरकार के कार्यकाल में दिवंगत मंत्री चंदन राम दास और कपकोट के युवा विधायक सुरेश गढि़या के प्रयासों सेे 200 बेड का अस्पताल बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
सरकार ने जिला अस्पताल के भवन का शासनादेश जारी कर कार्यदायी संस्था भी नियत कर दी है। जिला अस्पताल के लिए जिला मुख्यालय में जमीन चयनित की गई है। विधानसभा उप चुनाव से पहले जिला अस्पताल के भवन का शिलान्यास होने की चर्चाएं भाजपाई हलकों में हैं। पृथक से जिला अस्पताल बनने का लाभ जिले के लोगों के साथ ही पड़ोसी जिले चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के सीमावर्ती जिले के लोगों को भी मिलेगा। बहरहाल जिले के लोग जल्द से जल्द जिला अस्पताल को नए परिसर में संचालित होते देखना चाहते हैं।