बागेश्वर। बारिश की फुहारों के बीच बागेश्वर उपचुनाव का सियाासी पारा परवान चढ़ता जा रहा है। दलों से दिल मिलाने और नाता तोड़ने का क्रम शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के नेता बसंत कुमार और 2022 के चुनाव में बगावत कर निर्दलीय ताल ठोकने वाले भैरव नाथ टम्टा रविवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। कांग्रेस सोमवार को अपने प्रत्याशी की घोषणा करेगी।
एक बरातघर में हुए कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि पार्टी परिवार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधानसभा उप चुनाव बड़े अंतर से जीतेगी क्योंकि भाजपा के राज में जनता त्रस्त है। खनन माफिया सरकार पर हावी हैं। भर्ती परीक्षाओं में धांधली हो रही है। यह सब मुद्दे उप चुनाव के प्रमुख मुद्दे होंगे। करन माहरा ने नगर की सीवरेज लाइन, चिकित्सकों की कमी समेत कई मुद्दे उठाए। कहा कि बागेश्वर की जनता समस्याओं से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्याशी सोमवार सुबह तक घोषित हो जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि बागेश्वर का उप चुनाव राज्य की दिशा और दशा तय करेगा। पूरे राज्य में भाजपा के खिलाफ माहौल है। इसका लाभ कांग्रेस को मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ गए रंजीत दास के लिए कहा कि उन्होंने गलत निर्णय लिया है, वहां उन्हें कभी मंजिल नहीं मिलेगी। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं के भी कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया है।
क्या बोले बसंत कुमार
कांग्रेस का दामन थामने के बाद बसंत ने कहा कि कांग्रेस सांविधानिक सोच रखती है। पार्टी लोकतंत्र पर विश्वास करती है। विधानसभा का उप चुनाव दमखम के साथ लड़ा जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेस के जिला प्रभारी महेंद्र लुंठी, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगवत डसीला, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपा धपोला, गोपाल राम, गोपाल सिंह कपकोटी, बची राम, कमल टम्टा, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री राजेंद्र टंगड़िया, पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, पूर्व जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार, कवि जोशी, सुनील भंडारी, अर्जुन भट्ट, किशन कठायत आदि मौजूद रहे।
भाजपा का दावा-उनका कोई कार्यकर्ता नहीं गया
बागेश्वर। भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण ने कांग्रेस के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का कोई भी अधिकृत कार्यकर्ता, पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल नहीं हुआ है। कांग्रेस का दावा खोखला है। उन्होंने कहा कि 16 साल से बागेश्वर के मुद्दों पर चुप्पी साधने वाले कांग्रेस के नेताओं को अब स्थानीय मुद्दे याद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम की घोषणा के अनुरूप सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की 1,45,0,00,000 की डीपीआर शासन को भेजी है। जिला मुख्यालय में दो सौ बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। पानी की समस्या का समाधान होने जा रहा है। कांग्रेस झूठ का पुलिंदा है। संवाद
अमर उजाला ने ब्रेक की थी खबर
बागेश्वर। हमेशा की तरह अमर उजाला का आकलन फिर सही साबित हुआ है। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ..तो बसंत होंगे कांग्रेस का चेहरा शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने शनिवार को मुहर लगा दी थी। रविवार को वह पार्टी में शामिल हो गए। सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने की उम्मीद है। बसंत ने करीब तीन महीने पहले भी कांग्रेस में शामिल होने का विकल्प खुला होने की बात कही थी।
बसंत कुमार का सियासी बसंत
कांग्रेस में शामिल हुए बसंत कुमार पिछले तीन चुनाव से पार्टियां बदलते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2017 का चुनाव बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लड़ा। चुनाव बाद उन्होंने फिर पाला बदला। वर्ष 2022 का चुनाव आम आदमी पार्टी के टिकट पर लड़ा। इस बार उपचुनाव में वह कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।