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पीएम मातृत्व अभियान के तहत बागेश्वर के उच्च जोखिम वाली महिलाओं की होगी जांच

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बागेश्वर। प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान को विस्तारित कर दिया गया है। अब हर महीने की नौ तारीख के अलावा प्रत्येक सोमवार को भी अस्पतालों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। शिविर में आने वाली गर्भवती महिलाओं को 50 रुपये और उन्हें जांच कराने के लिए लाने वाली आशा कार्यकर्ताओं को 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उठाया है।
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गर्भावस्था के दौरान अधिक जोखिम होने पर अक्सर जच्चा और बच्चा की जान को संकट पैदा हो जाता है। पर्वतीय इलाकों में सुविधाएं कम होने से यह परेशानी अधिक रहती है। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पूर्व में महीने में केवल एक बार ही उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती थी। इस योजना से कुछ हद तक मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने में कामयाबी मिली। योजना को बेहतर करते हुए अब सरकार ने इसे विस्तारित करते हुए महीने में चार बार कर दिया है। विस्तारित योजना के तहत जिले के अस्पतालों में प्रत्येक सोमवार को शिविर लगाकर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की चिकित्सक जांच करेंगे।
अन्य लाभ भी मिलेंगे योजना के तहत
बागेश्वर। प्रधानमंत्री मातृत्व अभियान की विस्तारित योजना के तहत सोमवार के अलावा महीने के किसी भी दिन उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने आ सकती हैं। उन्हें योजना के तहत तीन जांच तक प्रति जांच 100 रुपये की दर से परिवहन भाड़ा दिया जाएगा। अगर जांच कराने में आशा कार्यकर्ता सहयोग करती हैं, तो उन्हें भी विजिट का 100 रुपया मिलेगा। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव होने और 45 दिन तक शिशु के स्वस्थ रहने पर संबंधित आशा कार्यकर्ता को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
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प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के विस्तारित होने से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान होने वाले खतरे से बचाने में मदद मिलेगी। योजना को सफल संचालन के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इलाकों में मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने में योजना मददगार साबित होगी। - डॉ. सुनीता टम्टा, सीएमओ, बागेश्वर।
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