बागेश्वर के श्रीनौला धारे से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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दो नदियों से घिरा होने के बाद भी जरूरत का आधा भी नहीं मिल रहा पानी
लोग जलधारे, हैंडपंपों पर निर्भर
बागेश्वर। विडंबना ही कही जाएगी कि सदावाहिनी सरयू और गोमती से घिरे बागेश्वर के लोग बरसात की आमद के बाद भी प्यासे हैं। नगर को जरूरत का आधा पानी भी नहीं मिल रहा है। जलधारे, हैंडपंपों पर लोगों की निर्भरता बनी हुई है। करीब 50 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को रोज 7.28 एमएलडी पानी की आवश्यकता है लेकिन तमाम योजनाओं से केवल 3.60 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। पर्याप्त पानी न मिलने से तहसील रोड, मंडलसेरा समेत तमाम इलाकों के लोग बेहद परेशान हैं। इन इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाती है। तहसील रोड में तो एक दिन छोड़कर रात के 11 बजे पानी आता है। लोग नगर में लगे हैंडपंपों, जल धारों से पानी की आपूर्ति करते हैं। तहसील रोड के हैंडपंप के साथ ही जिला अस्पताल के पास स्थित श्रीधारे में सुबह से रात तक पानी भरने वालों की लाइन लगी रहती है। नगर के आसपास पर्याप्त पानी होने के बाद भी पर्याप्त पानी की व्यवस्था न होने से लोगों में सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ रोष है। जल संस्थान के सहायक अभियंता चंदन सिंह देवड़ी का कहना है कि पानी की कमी के कारण रोस्टर बनाकर पानी वितरण करना पड़ता है। जखेड़ा पेयजल योजना के पुनर्गठन का काम चल रहा है। मंडलसेरा पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। इन योजनाओं से पानी मिलने के बाद पानी की कमी दूर हो जाएगी। इसमे एक साल का समय लगेगा, यानि कि नगर के लोगों को पर्याप्त पानी के लिए अभी एक साल और इंतजार करना होगा।