बागेश्वर। खोली और काकड़ा गांव के ग्रामीणों ने अपनी मेहनत से शासन-प्रशासन को आईना दिखाया है। जमीन को सींचने वाली नहर की मरम्मत के लिए विभाग से गुहार लगाकर थक चुके ग्रामीणों ने श्रमदान कर नहर की मरम्मत की। गांव के विकास के लिए आवाज नहीं उठाने पर ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई। सिंचाई विभाग की लापरवाही का मामला जनता दरबार में उठाने का निर्णय लिया गया।
खोली और काकड़ा गांव की नहर में पानी नहीं चलने की शिकायत ग्रामीणों ने विभाग से की थी। जब विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया तो शनिवार को ग्रामीण खुद नहर की मरम्मत करने चल दिए। ग्राम प्रधान जीना परिहार, पूर्व प्रधान बहादुर सिंह के नेतृत्व में महिलाएं, पुरुष और युवा नहर के हेड पर गए और पांच घंटे की मशक्कत के बाद नहर को दुरस्त किया। नहर के लीकेज को तिरपाल और प्लास्टिक सीट से ढककर बंद किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि नहर बंद होने से खोली, काकड़ा, भटोली, चमड़था, कनेरा आदि क्षेत्र में खेती पर असर पड़ रहा था।
ग्रामीणों ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, भाजपा जिला महामंत्री और भाजपा के चमोली जिला प्रभारी का गांव होने के बावजूद विकास की दृष्टि से उपेक्षित है। गांव के जनप्रतिनिधि अपने गांव के प्रति ही उदासीन हैं। इस मौके पर सौरव परिहार, योगेश परिहार, भुवन परिहार, मंजू देवी, ललिता परिहार, कमला परिहार, दीवान सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।