फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bageshwar News: 117 छोटे-बड़े गड्ढों से छलनी हो गई वीआईपी सड़क

Sat, 07 Oct 2023 12:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। भागीरथी-मंडलसेरा बाईपास जिसे सत्ताधारी पार्टी भाजपा का जिला कार्यालय बनने के बाद वीआईपी सड़क के नाम से भी जाना जाता है, उस सड़क की स्थिति बहुत खराब है। सड़क गड्ढों से पटी पड़ी है। थोड़ी सी बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है। इस कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मंडलसेरा बाईपास गड्ढों के लिए प्रसिद्ध हो चुका है। पिछले कई वर्षों से यह सड़क बदहाल है। लेकिन किसी ने इसकी दशा सुधारने की ओर ध्यान नहीं दिया। भागीरथी से करीब सौ मीटर हिस्से में सड़क पर जहां डामर हुआ था वहां सही है, उसके बाद सड़क की दुर्दशा शुरू हो जाती है। सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है।
भाजपा जिला कार्यालय के पास पूरे साल सड़क की गत खराब रहती है। बारिश के दौरान भाजपा कार्यालय के समीप बहने वाले कुंती नाले का मलबा और पानी सड़क पर आता है। इससे भी सड़क को नुकसान पहुंचता है। जिला प्रशासन, नगरपालिका, लोनिवि और सिंचाई विभाग कुंती नाले का समाधान नहीं निकाल पाए हैं। नाले के निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ।
विज्ञापन

भागीरथी बाईपास से बानरी तक करीब तीन किमी के हिस्से में सड़क पर 117 छोटे-बड़े गड्ढे हैं। भाजपा कार्यालय में मंत्री, विधायक ही नहीं मुख्यमंत्री का तक आगमन होता रहा है, लेकिन वीआईपी सड़क हमेशा बदहाली से नहीं उबर पाई। कई वर्षों से सड़क का निर्माण न होने से यह समस्या बनी हुई है।



स्कूल जाने वाली सड़क बदहाल

बागेश्वर। लोनिवि प्रांतीय खंड के अधीन मंडलसेरा-विवेकानंद स्कूल सड़क की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। हल्की बारिश में कच्ची सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। जलभराव से आवागमन बाधित होता है। सड़क पर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। यानी कि बगैर नाली की व्यवस्था के ही सड़क का निर्माण कर दिया गया। हाल के विधानसभा उप चुनाव में भी इस सड़क का मामला जोरशोर से उठा था। समाधान की दिशा में सरकारी तंत्र अब तक आगे नहीं बढ़ा है। संवाद




भविष्य में सड़कों के नवीनीकरण का काम होना है। मंडलसेरा बाईपास का भी नवीनीकरण किया जाएगा। सड़क को कुंती नाले से नुकसान होता है। नाला लोनिवि के अधीन नहीं है। लोग नाली के पानी की निकासी के लिए जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन


- धन सिंह कुटियाल, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड, बागेश्वर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें