बागेश्वर। जिला अस्पताल की छत पर बन रहे इमरजेंसी कोविड रिस्पांस यूनिट का मार्च से रुका हुआ काम शुरू होते ही विवादों में घिर गया है। निर्माण कार्य के दौरान पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचाने और कई अन्य अनियमितता सामने आने के बाद डीएम ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। जिला अस्पताल के सीएमएस ने काम रुकवा दिया है।
नवंबर 2021 में जब कोरोना की दूसरी लहर चली तो बच्चों में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए जिला अस्पताल में आपातकालीन कोविड केयर सेंटर बनाने की मंजूरी मिली थी। इस साल मार्च में कार्यदायी संस्था हिंदुस्तान स्टील वर्क कंस्ट्रक्शन लिमिटेड दिल्ली के माध्यम से क्रॉक्स इंफ्रोटेक ने निर्माण कार्य की शुरूआत की थी लेकिन छत उखाड़ने और लोहे के गार्डर छत पर डालने के बाद काम बंद कर दिया था। पिछले सप्ताह कंपनी ने फिर काम शुरू किया तो कई अनियमितताएं सामने आईं।
सीएसएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि बिना इंजीनियर की देखरेख के कंपनी काम कर रही थी। निर्माण कार्य नक्शे के अनुसार नहीं हो रहा था। पेयजल आपूर्ति करने वाली एक पाइप में सुराख कर दिया गया जिससे अस्पताल में पेयजल किल्लत हो रही है। पाइपलाइन के गेटवॉल के ऊपर बीम डाली जा रही थी। छत में जमा पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। पहले से ही पानी रिसने से एक वार्ड बंद है। कमरों की दीवार में करंट फैल रहा था। पाइप लाइन टूटने से परेशानी और बढ़ेगी। कार्यदायी संस्था से बात की गई है जिसके बाद फिलहाल के लिए काम रुकवा दिया है। कार्य में लापरवाही की जानकारी और निरीक्षण रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
जिला अस्पताल में हो रहे निर्माण कार्य में लापरवाही की सूचना मिलने के बाद सीएमएस को निरीक्षण के निर्देश दिए थे। लोनिवि और जल संस्थान के अभियंताओं की जांच कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनुराधा पाल, डीएम बागेश्वर।