बागेश्वर। जिला अस्पताल परिसर में खुले जन औषधि केंद्र में दवाइयों का निरंतर टोटा रहता है। केंद्र में दवा लेने आए मरीजों को आए दिन बैरंग लौटना पड़ता है। कई बार केंद्र समय पर नहीं खुलता। लगातार शिकायत मिलने के बाद एसीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने जन औषधि केंद्र का निरीक्षण किया तो केंद्र मेें मात्र 65 दवाओं की सूची मिलीं। उपलब्ध दवाएं 45 ही उपलब्ध थीं।
जिला अस्पताल परिसर में खुले जन औषधि केंद्र का करीब दो साल पहले टेंडर बदला था। कुछ महीने तक केंद्र ठीक चला लेकिन धीरे-धीरे हालात बिगड़ते गए। करीब एक साल से केंद्र में लगातार दवाओं की कमी बनी है। लोग बार-बार शासन-प्रशासन से शिकायत करते हैं लेकिन हालात नहीं बदलते। लगातार शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को एसीएमओ डॉ. चौहान ने मंगलवार को केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दवा का मिलान किया तो केंद्र में दवाइयों की भारी कमी पाई गई। केंद्र में कार्यरत महिला कर्मचारी दवाइयों की कमी को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाईं।
कौसानी का केंद्र हुआ बंद, कांडा, कपकोट, बैजनाथ में दवाओं की कमी
बागेश्वर। एसीएमओ डॉ. चौहान ने जिला अस्पताल के अलावा कांडा, बैजनाथ, कपकोट सीएचसी और कौसानी पीएचसी ए टाइप में स्थापित जन औषधि केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इन केंद्रों में भी कमोबेश यही हाल था। कौसानी का जन औषधि केंद्र बंद मिला। तीनों सीएचसी में बने जन औषधि केंद्रों में दवाइयों की भारी कमी मिली। संवाद
जिले के पांचों जन औषधि केंद्रों का संचालन सबेरा कल्याण समिति करती है। केंद्रों में दवाइयों की भारी कमी है। दवाइयां नहीं होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सभी केंद्रों के निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को साैंपी जाएगी।
डॉ. देवेश चौहान, एसीएमओ बागेश्वर