बागेश्वर। सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर नगर में बरसात के सीजन में भी पेयजल समस्या बनी हुई है। नलों में पर्याप्त पानी नहीं आने से लोगों को प्राकृतिक जलस्रोतों, हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता है।
करीब तीस हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। जखेड़ा, मंडलसेरा आदि पेयजल योजनाओं से केवल तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। हर रोज ढाई एमएलडी पानी की कमी है। पानी की कमी के कारण तहसील रोड, मजियाखेत, कफलखेत, सैंज के साथ मंडलसेरा के कई इलाकों को एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। पानी की कमी दूर करने के लिए लोग प्राकृतिक जलस्रोत और हैंडपंपों पर निर्भर रहते हैं। नगर के सेनौला, मांगधारा और नगर के हैंडपंपों पर लोगों की भीड़ रहती है।
नगर की पेयजल किल्लत दूर करने के लिए वर्ष 2019-20 से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना को मार्च 2022 में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन लेटलतीफी के कारण योजना अब भी जनता को समर्पित नहीं हो पाई है। पेयजल निगम के ईई वीके टम्टा ने कहा कि योजना का काम अंतिम चरण में है।
जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पानी की कमी के कारण रोटेशन में पेयजल वितरण करना पड़ता है। पानी की कमी होने पर टैंकरों से भी पेयजल बांटा जाता है।
सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर।