बागेश्वर। बागेश्वर से अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र को जोड़ने के लिए बनाई गई लाभकारी सड़क देखरेख कर रहे विभाग की लापरवाही के कारण परेशानी उत्पन्न कर रही है। सड़क आए दिन बंद हो रही है।
बागेश्वर-गिरेछीना सड़क का पिछले साल चौड़ीकरण, डामरीकरण हुआ है। चौड़ीकरण के लिए पहाड़ी को बुरी तरह से खोदने का प्रतिफल मिलने लगा है। वर्षाकाल में यह सड़क बीस से अधिक बार बंद हो गई है। थोड़ी सी बारिश में सड़क पर पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान बेतरतीब खोदाई से पहाड़ बुरी तरह से दरक रहे हैं। कई पेड़ गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। इलाके के लोग सड़क की बदहाली से परेशान हो गए हैं। सड़क चौड़ीकरण के काम की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
भुगतान पर लगाई गई है रोक
बागेश्वर। बीते 18 अप्रैल को जिला मुख्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सांसद अजय टम्टा ने सड़क पर हुए कार्यों पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने डीएम अनुराधा पाल से सड़क चौड़ीकरण के अवशेष भुगतान पर रोक लगाने के लिए कहा था। जांच कराने की बात कही थी। संवाद
विभाग नाकाम : महिलाओं ने दिखाया आईना, खोली निकास नाली
कपकोट। तमाम एलान, दावों के बाद भी कई सड़कों की निकास नाली और बंद पड़े कलमठ नहीं खोले गए हैं। सरकारी महकमों की उदासीनता का दंश सौंग, लोहारखेत के लोग भी भोग रहे थे। ऐसे में चित्रा महिला स्वयं सहायता समूह सौंग, लोहारखेत आगे आया। महिलाओं ने तीन दिन में करीब एक किमी हिस्से में बंद निकास नाली को खोल दिया है। महिलाओं ने अपने हाथों से फावड़ा, बेल्चा चलाकर सरकारी महकमों को आईना दिखाने का काम किया है। निकास नाली खोलने वालों में कमला देवी, हंसा देवी, खष्टी देवी, देवकी देवी, तारा देवी विमला देवी समेत कई महिलाएं शामिल थीं। महिलाओं के कार्य को सराहना मिल रही है। संवाद