बागेश्वर। स्वास्थ्य सुविधाएं सुधार के लाख दावे किए जाते रहें हों, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल में निश्चेतक के नहीं होने से प्रसव पीड़िताओं को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। अक्तूबर और नवंबर में जिला अस्पताल से 27 प्रसव पीड़िताओं को हायर सेंटर रेफर किया गया। इधर निश्चेतक न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में निश्चेतक के तीन पद स्वीकृत हैं। जिसके सापेक्ष वर्तमान में केवल एक निश्चेतक तैनात थीं। वह भी विगत छह अक्तूबर को अवकाश पर गईं थी, जिसके बाद से वापस नहीं लौटीं। निश्चेतक नहीं होने से ऑपरेशन ठप हैं। प्रसव पीड़िताओं को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल से अक्तूबर में 11 और नवंबर महीने में अब तक 16 प्रसव पीड़िताओं को रेफर किया जा चुका है।
इधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके टम्टा ने बताया कि जिला अस्पताल में पूर्व में दो निश्चेतक तैनात थे। एक निश्चेतक का दो महीने पहले स्थानांतरण हो गया था। वर्तमान में तैनात निश्चेतक डॉ. हर्षिता लाल छह अक्तूबर को तीन दिन के अवकाश पर गईं थीं, लेकिन अब तक नहीं लौटी हैं। इस बारे में महानिदेशालय को सूचित कर दिया गया है।