बागेश्वर। एक साल पहले चार सितंबर 2022 को अस्तित्व में आया उत्तराखंड परिवहन निगम का बागेश्वर डिपो अब तक व्यवस्थित नहीं हो पाया है। डिपो की आधी बस खराब हो गई हैं। खराब बस बागेश्वर स्टेशन के साथ काठगोदाम और दिल्ली में खड़ी हैं। डिपो की अस्थायी कार्यशाला में पुर्जों की कमी है।
सोमवार को अमर उजाला ने बागेश्वर रोडवेज डिपो की व्यवस्थाओं की पड़ताल की। बितौना में स्थित रोडवेज स्टेशन में सुनसानी थी। स्टेशन में बनी डिपो की अस्थायी कार्यशाला में दो खराब बस की मरम्मत चल रही थी। दो खराब बस रोडवेज स्टेशन के प्रांगण में खड़ी थीं। स्टेशन से मालूमात करने पर पता चला कि वर्तमान में डिपो की सात बस खराब हैं। इनमें से चार बस बागेश्वर रोडवेज स्टेशन में खड़ी हैं। दो बस काठगोदाम तो एक बस दिल्ली में खड़ी है।
डिपो से संचालित दस बस सेवाओं में से पांच ही बस सेवा डिपो के अधीन हैं। पांच बस सेवाओं में 14 बसों का संचालन होता है। इनमें से सात ही बस वर्तमान में सड़क पर चल रही हैं।
मुनस्यारी, धरमघर नहीं जा रही बस
बागेश्वर। बसों की कमी के कारण करीब दस दिन से मुनस्यारी और धरमघर बस नहीं जा पा रही है। मुनस्यारी-दिल्ली और धरमघर-दिल्ली बस सेवा का संचालन बागेश्वर तक ही हो रहा है। संवाद
प्रभारियों के हवाले डिपो
बागेश्वर। बागेश्वर डिपो एक साल बाद भी प्रभारियों के हवाले है। डिपो में स्थायी सहायक महाप्रबंक, फोरमैन, स्टेशन इंचार्ज नहीं है। लिपिक के 10 पदों में से तीन पर ही कार्यरत हैं। एक वरिष्ठ बाबू स्टेशन इंचार्ज का काम देख रहे हैं। एक मैकेनिक के पास फोरमैन का दायित्व है। दो परिचालकों से लिपिक का कार्य लिया जा रहा है। संवाद
सात बसों में खराबी आई है। कार्यशाला में पुर्जों और अन्य सामान की भारी कमी है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
धीरज वर्मा, स्टेशन अधीक्षक, रोडवेज स्टेशन बागेश्वर।