बागेश्वर। कपकोट विधानसभा क्षेत्र के डांगती, हवैलिया, बहैड़ी आदि गांव के दर्द को कोई नहीं सुन रहा है। यहां सड़क सुविधा न होने से
आवागमन में तो दिक्कत होती ही है, राशन, अन्य सामान, रसोई गैस सिलिंडर की लागत काफी बढ़ जाती है।
क्षेत्र के लोगों को शामा, लीती से दो से चार किमी पैदल यात्रा करनी पड़ती है। सबसे अधिक दिक्कत गांवों तक सामान ढोने में आती है। सामान का भाड़ा काफी अधिक चुकाना पड़ता है।
गांव के लोगों को रसोई गैस सिलिंडर, भवन निर्माण के लिए सरिया, सीमेंट, टिन आदि गांव पहुंचाने के लिए मजदूर लगाने पड़ते हैं। डांगती के सामाजिक कार्यकर्ता दान सिंह कोरंगा बताते हैं कि रसोई गैस सिलिंडर, सीमेंट के कट्टे और एक टिन का पांच सौ रुपया भाड़ा देना पड़ता है। एक क्विंटल सरिया गांव पहुंचाने में दो हजार रुपये भाड़ा लग जाता है। सामान की लागत बढ़ने से इलाके के लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
डांगती की सड़क अधूरी
बागेश्वर। डांगती के लिए वर्ष 2014-15 में सड़क स्वीकृत हो गई थी। छह किमी में से पांच ही किमी सड़क का निर्माण हुआ है। गांव के लोगों को करीब दो किमी पैदल चलना पड़ता है। हवैलिया, बहैड़ी क्षेत्र में सड़क नहीं है। वहां के लोगों को करीब चार किमी पैदल चलना पड़ता है। संवाद
गांगती की सड़क को पूरा कराया जाएगा। हवैलिया, बहैड़ी क्षेत्र के लिए सड़क स्वीकृत कराई जाएगी।
-सुरेश गढि़या विधायक कपकोट