चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक से बनी बारहमासी सड़क सर्वऋतु में वाहनों के आवाजाही लायक नहीं है। इस बार मानसून सीजन में यह सड़क 35 बार कुल 181 घंटे बंद हो चुकी है। सड़क बंद होने से लोगों को तकलीफ से लेकर राजस्व की क्षति होती है। ये नौबत न आती अगर दियूरी से चल्थी की नौ किलोमीटर की सड़क का निर्माण हो जाता। 2021 में मंजूर इस सड़क की एक साल पहले निविदा भी हुई लेकिन समरेखण विवाद से सड़क लटक गई और काम आज तक शुरू नहीं हो सका।
एनएच के किनारे धौन से दियूरी की सड़क से चल्थी तक के 9.11 किमी सड़क 2021 में मंजूर होने के बावजूद काम आज तक शुरू नहीं हो सका है। शासन पहले ही दो पैकेज (पहला पैकेज पांच किमी का 1.22 करोड़ और दूसरा पैकेज 4.11 किमी का 1.23 करोड़) में बनने वाली सड़क के लिए 2.45 करोड़ रुपये का अनुमेदन कर चुका था।
डीपीआर और समरेखन में अंतर से लटक गया काम
चंपावत। 2021 में मंजूर दियूरी-चल्थी सड़क की निविदा और अनुबंध गठित होने के बावजूद काम लटका हुआ है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की एक मामूली चूक जिम्मेदार है। डीएफओ आरसी कांडपाल के मुताबिक डीपीआर में जिस जगह को दर्शाया गया है।
दियूरी से चल्थी तक की सड़क के नए समरेखण का संयुक्त मुआयना किया जाएगा। नए समरेखण से गांव के सभी लोगों को लाभ मिलेगा साथ ही चट्टान को भी नहीं तोड़ा जाएगा। संयुक्त निरीक्षण के बाद वन अनापत्ति की पत्रावली फिर से तैयार होगी। नए सर्वे में कम पेड़ आने से अनुमति जल्द मिलने की उम्मीद है।
मनोज बिष्ट, सहायक अभियंता,लोनिवि, चंपावत।