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Bageshwar News: लोगों को खूब भा रही हस्तनिर्मित राखियां

Mon, 19 Aug 2024 01:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर के भागीरथी में रा​खियां बनाती बालिकाएं।
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बागेश्वर। राखी त्योहार पर लोक संस्कृति से जुड़ी हस्तनिर्मित राखियां लोगों को खूब भा रही हैं। पहले लोग राखियां खरीदने के लिए बाजारों पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब ऑनलाइन माध्यम से लोगों के घरों तक राखियां पहुंच रही हैं। इसी तकनीक का फायदा जिले के प्रतिभावान कलाकार उठा रहे हैं।
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जिला मुख्यालय की भागीरथी निवासी नेहा बघरी मेहता अपनी बनाई राखियां सोशल मीडिया की मदद से घर-घर पहुंचा रही हैं। नेहा ने बताया कि वह 2018 से राखियां बना रही हैं। लोक कला को बढ़ावा देने के लिए वह अपनी राखियों में ऐपण कला का इस्तेमाल करती हैं। चीड़ के बगेट, गत्ते, डोरी और निष्प्रयोज्य वस्तुओं से राखी बनाती हैं। सोशल मीडिया की मदद से उनकी राखियां ग्राहकों और बाजार तक पहुंच रही हैं।
नेहा ने बताया कि पहले वर्ष से ही राखी से खासा मुनाफा होने पर उन्होंने बड़े पैमाने पर राखी बनाने का सोचा और अगले वर्ष से ही कुछ महिलाओं के साथ मिलकर स्वनिर्मित राखियां बनाना शुरू किया। वर्ष 2023 में उन्होंने करीब 55 हजार की राखियां बेचीं। उन्होंने बताया कि इस साल उनके साथ 35 बालिकाएं और महिलाएं भी राखियां बना रही हैं। राखियों की काफी मांग आ रही है। करीब 60-70 हजार का मुनाफा होने की उम्मीद है।
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बाजार में भी राखियों की धूम
बागेश्वर। राखी के त्योहार काे लेकर बाजारों में रौनक है। राखियों से सजे बाजार में हजारों किस्म की राखियां उपलब्ध हैं। बाजार में जरी के काम, मोती और फैंसी किस्म, रेडिमेड पूजा थाल वाली राखियों की काफी मांग है। पांच रुपये से लेकर 700 रुपये तक की राखियां बाजार में बिक रही हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए कार्टून और लाइट वाली राखियां भी बाजार में उपलब्ध हैं।
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