बागेश्वर। बागेश्वर में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती धूमधाम से मनाई गई। वक्ताओं ने पंत को त्याग, संघर्ष की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उन्होंने एक अच्छे प्रशासक होने का भी परिचय दिया। उनका जीवन वर्तमान और आगे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक रहेगा।
पंत जयंती पर लोनिवि तिराहे और चौक बाजार स्थित पंत पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी अमित श्रीवास्तव, एडीएम सीएस इमलाल ने पंत की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति और कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में सीडीओ संजय सिंह, डीडीओ संगीता आर्या, डीएसपी शिवराज सिंह राणा, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी, रमेश पर्वतीय, कार्यक्रम संयोजक गोविंद सिंह भंडारी, वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा, नरेंद्र खेतवाल आदि थे। संचालन प्रवक्ता दीप चंद्र जोशी ने किया।
कपकोट में भी हुए कार्यक्रम
कपकोट। कपकोट में नगर पंचायत, तहसील प्रशासन, लोनिवि और पंत जयंती समिति ने पंत की जयंती मनाई। पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, तहसीलदार पूजा शर्मा, नगर पंचायत के सभासदों, व्यापारियों आदि ने पंत पार्क में पंडित पंत को श्रद्धासुमन अर्पित किए। संवाद
भाषण में माही, पेंटिंग में सुमित अव्वल
गरुड़ (बागेश्वर)। पं. गोविंद बल्लभ पंत की जयंती पर जूनियर हाईस्कूल रौल्याना में भाषण और श्रीराम इंटरनेशनल स्कूल पुरुड़ा में पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। पेंटिंग में सुमित भट्ट और भाषण में माही गोस्वामी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
पेंटिंग में नेहा जोशी ने द्वितीय, कोमल भंडारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहां पर प्रधानाचार्य आशा पांडे, दीपा जोशी, अंकित पांडे, रेनू आदि थे। उधर, जूनियर हाईस्कूल रौल्याना में हुई भाषण प्रतियोगिता में विद्या गोस्वामी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहां पर स्कूल के प्रधानाध्यापक नीरज पंत, भास्कर पंत आदि थे। संवाद
एसएसजे परिसर में भी मनाई जयंती
अल्मोड़ा। एसएसजे विवि में भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत की जयंती के उपलक्ष्य पर परिसर प्रांगण मे उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया। वहां पर अधिष्ठाता प्रशासन प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, डॉ मुकेश सामंत, प्रो. जया उप्रेती, प्रो. सोनू द्विवेदी, डॉ. धनी आर्य, डॉ. गिरिजा शंकर पांडे आदि थे। संवाद