बागेश्वर। बिलौना में बुजुर्ग ने सरयू नदी में छलांग लगा दी। नदी में बह रहे बुजुर्ग को स्थानीय लोगों ने नदी से बाहर निकाला लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखा गया है। मृतक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
बिलौना में समण गोलू मंदिर के पास से बुजुर्ग ने सरयू नदी में कूद मार दी। आसपास के लोगों ने बुजुर्ग को नदी में बहते देख पुलिस को सूचना दी। इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता बालकृष्ण अपने साथियों के साथ पगना से बागेश्वर की तरफ आ रहे थे। बुजुर्ग के बहने की सूचना मिलते ही वह और उनके साथी नदी की ओर दौड़े और बुजुर्ग को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। बालकृष्ण, जगदीश प्रसाद, अर्जुन देव, सुरजीत, संजय, सूरज आदि ने बुजुर्ग को नदी से बाहर निकाला लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सूचना के बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
बागेश्वर। बुजुर्ग को नदी से बाहर निकालने वाले सामाजिक कार्यकर्ता बालकृष्ण ने बताया कि बुजुर्ग को पानी से बाहर निकालने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सूचना देने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। उनका कहना है कि बुजुर्ग को डूबने के कुछ ही देर में पानी से बाहर निकाल लिया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस के आने तक स्थानीय लोगों की मदद से बुजुर्ग को नदी से बाहर निकाल लिया गया था।
सुबह से मंदिर में आराम कर रहे थे बुजुर्ग
बागेश्वर। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक बुजुर्ग सुबह से समण के गोलू मंदिर में आराम कर रहे थे। वह आसपास के लोगों से बातचीत कर रहे थे और किसी प्रकार के तनाव में भी नहीं दिख रहे थे। अचानक नदी में कूदकर जान देने से लोग सकते में हैं।
सरयू नदी में बहे बुजुर्ग की पहचान अब तक नहीं हुई है। पुलिस लगातार बुजुर्ग के बारे में पता लगाने में जुटी है। बुजुर्ग की फोटो सोशल मीडिया पर भी डाली गई है। शव को फिलहाल मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अमित श्रीवास्तव, एसपी बागेश्वर