बागेश्वर। एससी एसटी शिक्षक एसोसिएशन ने माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यों की विभागीय भर्ती का विरोध किया है। कहा कि भर्ती शिक्षकों की वरिष्ठता के विरुद्ध है।
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार टम्टा की अध्यक्षता में हुई बैठक शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा, परिचर्चा के बाद राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब की भांति उत्तराखंड में भी शिक्षक एवं कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की बहाल करने का प्रस्ताव पास किया गया। कहा गया कि नई पेंशन योजना शिक्षक और कर्मचारियों के हित में नहीं है।
तय हुआ कि शिक्षक एसोसिएशन पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा। कहा कि प्रदेश के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक के स्कूलों में शिक्षक औरप्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के हजारों पद रिक्त हैं। इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शीघ्र इन पदों पर नियुक्ति और विभागीय पदोन्नति की जानी चाहिए।
कहा गया कि नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हो गया है लेकिन अब तक विद्यालयों में निशुल्क मिलने वाली पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। विभाग ने पूर्व की गलतियों से कोई सबक नहीं लिया है। पिछले वर्ष नया सत्र प्रारंभ होने के पांच-छह महीने बाद छात्र-छात्राओं को पुस्तकें उपलब्ध हो पाई थी। बैठक में मंडलीय महामंत्री संजय टम्टा बुद्धिस्ट, गोविंद प्रसाद आगरी, गिरीश चंद्र धोनी, सरजीत कुमार, त्रिभुवन लोबियाल, जगमोहन टम्टा, विवेकानंद टम्टा, सुधीर कुमार, नवीन त्रिकोटी, सरजीत कुमार, मनोज कुमार शिल्पकार आदि थे। संचालन हरीश आगरी ने किया।