बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के दो आरोपियों को दोषमुक्त किया। न्यायालय ने मामले में एनडीपीएस अधिनियम के मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं होना पाया और आरोपियों को दोषमुक्त करने का निर्णय सुनाया।
कथानक के अनुसार 14 अगस्त 2021 को बैजनाथ पुलिस कालिका मंदिर बैजनाथ के पास वाहनों की चेकिंग कर ही थी। इस दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवकों से पूछताछ की। उनके पास से चरस बरामद हुई। आरोपी आनंद सिंह निवासी लीली के पास से 745 ग्राम और भूपेंद्र सिंह गढ़िया निवासी फरसाली के पास से 235 ग्राम चरस बरामद हुई। चरस मिलने के बाद पुलिस आरोपियों को बैजनाथ थाने लाई और वादी रिपोर्टर एसआई गोविंद बल्लभ भट्ट की तहरीर पर उनके खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने 12 जनवरी 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश कराए गए। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा, चामू सिंह गस्याल और पल्लव गस्याल ने मामले की पैरवी की।
न्यायालय ने माना कि मामले में सहमति पत्र संयुक्त रूप से बनाए गए हैं। आरोपियों को उनके अधिकारों की अलग से जानकारी नहीं दी गई। घटनास्थल से मात्र एक किमी की दूरी पर एसडीएम और तहसीलदार गरुड़ के कार्यालय होने और उनके सेवारत होने के बावजूद 17 किमी दूर कौसानी से सीओ को मौके पर बुलाया गया। मामले में धारा एनडीपीएस का पूर्ण रूप से पालन नहीं हुआ है।