बागेश्वर के भद्रतुंगा पहुंचे अप्रवासी। संवाद
बागेश्वर। भद्रतुंगा में आयोजित लघु अर्धकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों आए श्रद्धालुओं के बीच विदेश में रहने वाले भारतीय भी शामिल हैं। अमेरिका के अटलांटा और न्यू मैक्सिको से आए श्रद्धालु संतों का प्रवचन सुनन के साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक छटाओं का भी लुत्फ उठा रहे हैं।
मूल रूप से गुजरात के रहने वाले संजय कुमार पटेल वर्तमान में अमेरिका के अटलांटा शहर में रहते हैं। जब वह 14 साल के थे तो उनके परिजन भारत छोड़कर अमेरिका में बस गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी नूतन संजय पटेल भी पहुुंची हैं। न्यू मैक्सिको से प्रतीक्षा पटेल भी भद्रतुंगा आई हैं। विदेश से आए अप्रवासी श्रद्धालु अमेरिका में संत रामानंद आश्रम के अनुयायी हैं। भद्रतुंगा में भी स्वामी रामानंद आश्रम स्थित है। संजय कुमार बताते हैं कि कूर्मांचल लघु अर्धकुंभ श्रीराम महायज्ञ के आयोजन की सूचना गुरुदेव महामंडलेश्वर अभिरामदास त्यागी से मिली तो तत्काल भारत के लिए रवाना हो गए थे। संवाद
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प्रकृति ने प्रदान की है नेमत
बागेश्वर। अप्रवासी भारतीय श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और क्षेत्रवासियों के अपनत्व भरे व्यवहार की दिल खोलकर सराहना की। उनका कहना है कि यहां आकर मन को अलग सी शांति की अनुभूति हो रही है। सरयू नदी के उद्गम स्थल का पौराणिक और धार्मिक महत्व तो है ही, प्रकृति ने क्षेत्र को काफी नेमत भी प्रदान की है। निश्चित तौर पर आने वाले समय में यह पावन स्थान देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार होगा। संवाद
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आवभगत से गदगद
बागेश्वर। अप्रवासी भारतीयों का कहना है कि क्षेत्र के लोग जिस तरह से बाहरी साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सेवा और आवभगत कर रहे हैं, वैसा कम ही देखने को मिलता है। कहते हैं कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आपसी भाईचारा बना हुआ है, यह देखना सुखद है। संवाद