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26 नवंबर तक होनी है सर्वे पूरी, सितंबर तक मात्र 6.42 फीसदी सर्वे

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बागेश्वर। अंग्रेजों के समय से 1911-12 से प्रस्तावित बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत जिले के लोगों के ड्रीम प्रोजेक्ट टनकपुर-बागेश्वर ब्राडगेज रेल लाइन के लिए हो रहे प्रारंभिक चरण के सर्वे का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। सर्वे 26 नवंबर 2022 तक पूरा होना था। सितंबर तक सिर्फ 6.42 फीसदी सर्वे हुआ है। आरटीआई से इसका खुलासा हुआ है।
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154.58 किमी लंबी प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के सपने को 2022 के विधानसभा चुनाव में उस समय एक बार फिर पंख लगे, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्द्वानी में हुई जनसभा में प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए रेल लाइन का निर्माण कराने की घोषणा की थी।
पीएम की घोषणा के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया था। रेल मंत्रालय ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की ब्राडगेज सर्वे के लिए 28 करोड़ रुपये मंजूर किए। रेल लाइनों की सर्वे करने वाली इरकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड के साथ 27 नवंबर 2021 को ब्राडगेज रेल लाइन की प्रारंभिक सर्वे के लिए अनुबंध किया गया। 26 नवंबर 2022 तक रेल लाइन का सर्वे पूरा करना था।
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बागेश्वर के भिटालगांव निवासी पवन पांडेय, पासदेव के मूल निवासी प्रकाश बहुगुणा आदि ने इरकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड से मांगी जानकारी के जवाब में 10 नवंबर को कंपनी के अपीलीय अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया है कि सितंबर 2022 तक पहले चरण सर्वे का सिर्फ 6.42 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। 21,19, 78,781 रुपये में से सर्वे पर 30 सितंबर तक 78,81,713 रुपये खर्च हुए हैं।
ये होगा फायदा
-टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन बागेश्वर के साथ ही पिथौरागढ़ और चंपावत के लोगों के लिए वरदान साबित होगी।
-चंपावत पिथौरागढ़ के पंचेश्वर क्षेत्र से लगे इलाके के साथ ही गंगोलीहाट विकासखंड की बेल पट्टी, सरयू बगड़, बागेश्वर के सरयू बगड़ घाटी में रहने वाले इलाकों के साथ ही बागेश्वर मुख्यालय और संपूर्ण जिले के लोग इससे लाभान्वित होंगे।
-घाटी वाले इलाकों के लोगों की उपज को बाजार मिलेगा।
-परिवहन का खर्चा कम हो जाएगा।
-सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी।
संघर्ष समिति करेगी आंदोलन तेज
बागेश्वर। रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी का कहना है कि रेल लाइन के सर्वे का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। रेल लाइन निर्माण के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति से जुड़ी पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा ने कहा है कि सामरिक महत्व की रेल लाइन के निर्माण में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।
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