बागेश्वर। जिला बनने के 25 साल बाद भी बागेश्वर जिला अस्पताल के पास अपना भवन नहीं है। जिला अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन में चल रहा है। सीएम की घोषणा के अनुरूप जिला अस्पताल के विस्तारीकरण की पहल शुरू हो गई है। विस्तारीकरण का काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में जिला अस्पताल परिसर में स्थित चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के आवासीय भवन और निजी वार्ड के स्थान पर तीन मंजिला भवन बनेगा। सीएमओ ने आवासीय परिसर और निजी वार्ड को ध्वस्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल परिसर के राधाकृष्ण मंदिर के पास बने चतुर्थ श्रेणी कर्मी आवास और निजी वार्ड को ध्वस्त किया जाएगा। विस्तारीकरण के पहले चरण में तीन मंजिला नया भवन बनेगा। भूतल पर पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। वार्ड के साथ ही डॉक्टरों के कक्ष बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में ट्रॉमा सेंटर के पास खाली पड़ी जमीन में बहुमंजिला भवन बनेगा। इस भवन के भूतल पर भी पार्किंग का प्रावधान है। दोनों भवनों को आपस में जोड़ा जाएगा, दोनों भवनों की छत पर बैठक हॉल का प्रस्ताव है।
लोनिवि ने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। बजट उपलब्ध होते ही पहल चरण का कार्य शुरू होगा। सीएचसी के भवन में जिला अस्पताल संचालित होने से वर्तमान में कक्षों की कमी बनी हुई है। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। एक कक्ष में दो-दो डॉक्टर बैठते हैं।
जिला अस्पताल परिसर के दोनों भवनों को ध्वस्त करने के आदेश दे दिए गए हैं। दो चरणों के विस्तारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। बजट मिलते ही पहले चरण के भवन निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
डॉ. सुनीता टम्टा सीएमओ बागेश्वर