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101 बेसिक और 12 माध्यमिक विद्यालय भवनों को मरम्मत की दरकार

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बागेश्वर के जीआईसी असों में कक्षा कक्ष में पड़ी दरार। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के अलावा भवनों की बदहाली भी प्रमुख समस्या बन गई है। अधिकतर स्कूलों में कक्षा-कक्षों या भवनों को मरम्मत की दरकार है। विभाग ने 101 बेसिक और 12 माध्यमिक विद्यालयों की सूची शासन को भेजने की बात कही है लेकिन लंबे समय से मांग करने के बावजूद भवनों की दशा नहीं सुधरने से अभिभावकों में विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।
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जिले में 561 प्राथमिक, 111 जूनियर हाईस्कूल, 32 हाईस्कूल और 61 सरकारी इंटर कॉलेज हैं। कई विद्यालयों में शौचालय, सुरक्षा दीवार, खेल मैदान के निर्माण की जरूरत है। हालांकि, विभाग ने किसी भी भवन के जर्जर होने या ध्वस्तीकरण की जरूरत से इनकार किया है। भवनों के मरम्मत के लिए पूर्व में विद्यालयों से सूची मांगी गई थी। जिसके आधार पर शासन को प्राथमिक, जूनियर और इंटर कॉलेजों के मरम्मत की सूची भेजी गई है।
राइंका असों में छह कमरे और चार शौचालय मांग रहे मरम्मत
बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज असों के अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष गोपाल सिंह असवाल ने बताया कि विद्यालय में 280 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। स्कूल का भवन 13 कमरों का है, जिनमें से छह कमरों की हालत खराब हो चुकी है। दीवारों और छत में दरार पड़ी है। बारिश के दौरान छत से पानी रिसकर भीतर आ जाता है। चार शौचालय भी बदहाल हैं। उनका कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी और भवनों की बदहाली को लेकर कई बार विभाग को सूचित किया जा चुका है लेकिन अब तक हालात नहीं सुधरे हैं। संवाद
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कोट
जिले में किसी भी विद्यालय का भवन जर्जर या ध्वस्त करने लायक नहीं है। जिन भवनों की मरम्मत होनी है, उनकी सूची शासन को भेजी गई है। राइंका असों में 1.23 करोड़ से नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। जल्द ही कार्य पूरा हो जाएगा और विद्यार्थी नए भवन में शिफ्ट हो जाएंगे।
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जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर
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