मौसम की मेहरबानी रही तो इस बार जिले में आम की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है।
बागेश्वर। मौसम की मेहरबानी रही तो इस बार जिले में आम की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। आजकल आम के पेड़ बौर से लदे हैं जबकि पिछली बार आम की पैदावार काफी कम हुई थी।
जिला मुख्यालय के साथ ही जिले के घाटी वाले इलाकों में आम की पैदावार होती है। ठेकेदार पेड़ों पर ही आम की नीलामी कर रहे हैं। आम की बिक्री से लोगों की अच्छी आमदनी हो जाती है। इस बार आम के पेड़ पीले सुगंधित बौर से लदे हैं। इन पेड़ों की छटा देखते ही बन रही है। आम के पेड़ ओलावृष्टि से बचे रहे तो इस बार अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। ओलावृष्टि आम के फलों को खासा नुकसान पहुंचाती है। आजकल ओलावृष्टि हो गई तो बौर को बेहद नुकसान पहुंचेगा। इससे बचने के लिए आम उत्पादक मौसम की मेहरबानी की दुआ कर रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी राम कुशल सिंह के अनुसार जिले में करीब तीन सौ मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है। कहते हैं कि इस बार आम का अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है।
बागेश्वर में पेड़ गिरने का खतरा
बागेश्वर। जिले में पेड़ गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले नगर के भिटालगांव में आम का वृक्ष गिर गया था। इसकी चपेट में आकर बिजली की लाइन टूट गई थी। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ों की लंबी टहनियां सड़क और रास्तों तक फैली हैं। इनसे दुर्घटना का खतरा है। जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर के पास स्थित पीपल के वृक्ष की विशाल टहनियां सड़क तक फैली हैं। नगर के कठायतबाड़ा, स्टेशन रोड, गोमती पुल क्षेत्र में पेड़ की टहनियां सड़क को घेर रहीं हैं। आंधी या तेज हवा चलने पर पेड़ और वृक्षों की टहनियां गिरने से जानमाल के नुकसान का खतरा है। लोग लंबे समय से इन पेड़ों की छंटनी की मांग कर रहे हैं लेकिन जिम्मेदार महकमे इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसडीएम सदर हर गिरि का कहना है कि वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। इसके बाद खतरा बने पेड़ संबंधित महकमों के जरिये कटवाए जाएंगे।