बागेश्वर। उत्पाती बंदर द्वारा गिराए गए पत्थर की चपेट में आने से एक कोरोना वीर गंभीर रूप से घायल हो गया। वह मोदी किचन का भोजन कोरोना वारियर्स और असहायों को वितरित करने जा रहा था। सिर पर हेलमेट होने से उसकी जान बच गई।
बागेश्वर में भाजपा की ओर से मोदी किचन के तहत जरूरी सेवाओं में जुटे कर्मचारियों, जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन बनाया जा रहा है। नुमाइशखेत क्षेत्र में भोजन पहुंचाने की जिम्मेदारी विवेकानंद विद्यालय के पूर्व शिक्षक गोपाल बिष्ट को दी गई है। शुक्रवार दोपहर को जब वह भोजन लेकर नुमाइशखेत से गुजर रहे थे, तो एक मकान की छत से एक बंदर ने उन पर बड़ा पत्थर गिरा दिया। पत्थर सीधे उनके सिर से टकराते हुए छाती पर आ लगा। सिर पर हेलमेट होने से सिर तो बच गया लेकिन उनकी छाती पर अंदरूनी चोट आ गई। चोट लगने के बावजूद इस कोरोना वीर ने जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाया। इसके बाद वह अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनके फेफड़े की झिल्ली को भी नुकसान पहुंचा है। जिसका सूक्ष्म ऑपरेशन होगा। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि मरीज की हालत में सुधार है। उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में कुछ समय लगेगा।