बागेश्वर के जिला कार्यालय में डीएम को ज्ञापन देते व्यापारी। संवाद
बागेश्वर। अमर उजाला की खबर एक बार फिर असरकारक रही है। जिला प्रशासन ने अंग्रेजी काल में बने ऐतिहासिक झूलापुल की मरम्मत के लिए एजेंसी से संपर्क साध लिया है। एजेंसी झूलापुल की मरम्मत कराने पर सहमत हो गई है। जल्द ही एजेंसी के विशेषज्ञ झूलापुल का निरीक्षण करेगी।
डीएम पाल ने बताया कि झूलापुल निर्माण के शेफ्टी आडिट के लिए सेंट्रल रोप एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से वार्ता हो गई है। संस्थान आडिट के लिए तैयार है। इस माह के अंत तक संस्थान की रिपोर्ट मिल जाएगी। संस्थान की रिपोर्ट के आधार पर झूलापुल की मरम्मत के लिए बजट आवंटित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि झूलापुल बागेश्वर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक धरोहर है। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मरम्मत के बाद झूलापुल से आवाजाही बहाल की जाएगी। ऐतिहासिक, पौराणिक महत्व के बागेश्वर में वर्ष 1913 से आवाजाही पर बीते 19 जुलाई को डीएम अनुराधा ने रोक लगा दी थी। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला
बागेश्वर। बुधवार की बैठक में लिए गए फैसले के अनुरूप व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को डीएम अनुराधा पाल से मुलाकात की। व्यापारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर झूलापुल बंद होने से हो रही दिक्कतों को उठाया। कहा कि उत्तरायणी के मेले में भी झूलापुल से आवागमन बंद किया गया था। मेले के बाद झूलापुल की मरम्मत कराने की बात कही गई थी लेकिन मेले के बाद बगैर झूलापुल की मरम्मत कराए बगैर झूलापुल से आवागमन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने कहा कि 20 जुलाई को झूलापुल बंद कर दिया गया। आज तक झूलापुल की मरम्मत नहीं हुई। व्यापारियों ने आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए पुल पर एक ओर से आवागमन कराने की मांग की। डीएम ने व्यापारियों को बताया कि पुल के शेफ्टी आडिट के लिए एजेंसी तय हो गई है। एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर पुल के एक ओर से आवागमन कराने पर कोई फैसला लिया जाएगा। डीएम से मिलने वालों में नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष कवि जोशी, प्रदेश संगठन मंत्री हरीश सोनी, जिला महासचिव पुष्कर सिंह, उपाध्यक्ष हेम जोशी, विधायक प्रतिनिधि गौरव दास, नवीन लाल साह, भगवत रावल, संजय चौधरी आदि शामिल थे।
बागेश्वर के जिला कार्यालय में डीएम को ज्ञापन देते व्यापारी। संवाद
बागेश्वर के जिला कार्यालय में डीएम को ज्ञापन देते व्यापारी। संवाद