बागेश्वर। जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती गई वित्तीय अनियमितता के आरोप में शामा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। पूर्व विधायक शेर सिंह गढि़या ने शासन को पत्र भेजकर जिपं सदस्य ऐठानी पर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहते हुए वित्तीय अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। विस्तृत जांच के बाद पंचायतीराज विभाग ने सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया है। ऐठानी अब अगले पांच साल तक ग्राम प्रधान, उप प्रधान, सदस्य, प्रमुख, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
कपकोट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक गढि़या की ओर से 29 सितंबर 2017 को 2014-15 में जिला पंचायत में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। पत्र में निर्माण कार्य योजनाओं के लिए निविदा की सामग्री (सीमेंट, सरिया, ईट, जीआई पाइप) की आपूर्ति बिना जिला पंचायत सदन में प्रस्ताव पारित कराए, राज्य वित्त/जिला निधि/पर्यटन विभाग से बिना नियम और निविदा प्रक्रिया किए एक ठेकेदार को कार्य दिए जाने, बिना तकनीकी परीक्षण कराए पुलों/पैदल मार्गों का निर्माण, पीटीए अध्यापकों की नियुक्ति, पिंडारी रोड आरे में धर्मकांटा स्थापित किए जाने, मुख्यमंत्री राहत कोष से विद्यालयों के मरम्मत आदि कार्यों में अनियमितता बरते जाने की शिकायत की गई थी।
डीएम और मंडलायुक्त स्तर पर हुई जांच
बागेश्वर। पंचायतीराज विभाग के सचिव नितेश कुमार झा की ओर से जारी आदेश पत्र में बताया गया है कि पूर्व विधायक गढि़या के शिकायती पत्र के आधार पर बागेश्वर के तत्कालीन डीएम को मामले की प्रारंभिक जांच सौंपी गई थी। डीएम ने जांच की आख्या कुमाऊं मंडलायुक्त को सौंपी। डीएम की प्रारंभिक जांच और मंडलायुक्त की विस्तृत जांच आख्या में अनियमिताओं की पुष्टि होने पर ऐठानी को कारण बताओ नोटिस दिया गया।
ऐठानी ने अपने खिलाफ लग रहे आरोपों के संबंध में कार्यालय जिला पंचायत, अपर मुख्य अधिकारी और अन्य कार्मिकों को उत्तरादायी बताया था। प्रकरण में कुमाऊं आयुक्त की अंतिम जांच आख्या में तत्कालीन जिपं अध्यक्ष/वर्तमान जिपं सदस्य पंचायतीराज अधिनियम की धारा 109 के तहत अपने कर्तव्यों का सम्यक रूप से निर्वहन करते नहीं पाए गए। इसके आधार पर पंचायतीराज सचिव नितेश कुमार झा ने राज्यपाल के निर्देश पर ऐठानी की सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया।
कोट
राज्यपाल की आज्ञा और पंचायतीराज विभाग के सचिव की ओर से 28 अप्रैल को आदेश पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र में जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश है। आदेश का पालन कराना हमारा काम है और हम इसका पालन करेंगे। - अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।
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अभी तक मुझे आदेश की कॉपी नहीं मिली है। अगर इस तरह का आदेश आता है तो मैं उस आदेश के खिलाफ अदालत जाऊंगा। जिला पंचायत के कार्यों की जांच की आड़ में यह मेरे खिलाफ राजनीतिक षडयंत्र के तहत साजिश रची गई है। - हरीश ऐठानी, पूर्व जिपं अध्यक्ष, बागेश्वर।
मैं अभी बाहर हूं। मुझे किसी शिकायती पत्र और जांच के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब मैं बागेश्वर आऊंगा तभी इस बारे में बात करुंगा। - शेर सिहं गढि़या, पूर्व विधायक, कपकोट।