बागेश्वर। व्यापार, कोरोबार के साथ ही अन्य चीज पर भी लॉकडाउन ने प्रभाव डाला है। लॉकडाउन के कारण इस बार विवाह के पंजीकरण में भी कमी आई है। लॉकडाउन के बाद केवल 12 विवाहित जोड़ों ने विवाह का पंजीकरण कराया है।
सब रजिस्ट्रार एवं रजिस्ट्रार कार्यालय के अनुसार लॉकडाउन के दाैरान जिले में कुल 126 विवाह जाेड़ाें काे शादी के लिए तहसील स्तर से अनुमति दी गई। इनमें से मात्र अभी दाे लाेगाें ने अपने विवाह का रजिस्ट्रेशन कराया है। अन्य वर्षो में जहां पंजीकरण का आंकड़ा दो सौ से सात सौ तक रहता था। इस वर्ष अब तक मात्र 145 विवाह पंजीकरण हुए हैं। लॉकडाउन से पहले हुई शादियों के 10 पंजीकरण इस अवधि में कराए गए हैं। लॉकडाउन से पहले इस वर्ष 133 लोगों ने विवाह पंजीकरण कराया था। अनलॉक वन में भी विवाह समारोह किए जा रहे हैं लेकिन लॉकडाउन के कारण सरकारी कार्यालयों के कामकाज में आई बाधा और लोगों की आवाजाही न होने के कारण हाल में हुए विवाहों का भी पंजीकरण नहीं कराया गया है। विवाह रजिस्ट्रेशन के बाद ही विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। बैंक खाता खाेलने, पासपाेर्ट बनाने समेत अन्य दस्तावेज बनाने में विवाह प्रमाण पत्र काम आता है। हालांकि विवाह रजिस्ट्रेशन के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है लेकिन सुप्रीमकोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार विवाह रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है। विवाह पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, स्थाई निवास, जन्म प्रमाण पत्र, शादी का कार्ड आदि आवश्यक है। पंजीकरण के लिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए दाे गवाह भी हाेने चाहिए। आवेदन प्रक्रिया पूरी हाेने के बाद ही विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। कोरोना संक्रमण काबू में आने के बाद ही विवाह पंजीकरणों में तेजी आएगी।
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वर्ष विवाह पंजीकरण
2016- 211
2017- 368
2018- 524
2019- 742
2020- अब तक 145