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Bageshwar News: भद्रतुंगा में लघु अर्धकुंभ कराना महामंडलेश्वर अभिरामदास त्यागी का सपना

Tue, 02 May 2023 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर के भद्रतुंगा में लघु अर्धकुंभ की तैयारियों का जायजा लेते महामंडलेश्वर अभिराम दास त्याग
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बागेश्वर। कपकोट के वैछम गांव स्थित भद्रतुंगा में आज से होने वाले श्रीराम महायज्ञ कूर्मांचल लघु कुंभ के आयोजन का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारिवारिक गुरु महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी ने देखा था। छह साल पहले उन्होंने इस आयोजन को लेकर सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति से चर्चा की थी। उनका सपना अब भव्य और दिव्य रूप में साकार होने जा रहा है।
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सरयू नदी को देश की पवित्र नदियों में गिना जाता है। कैलाश मानसरोवर से गुप्त रूप में अवतरित होकर सरयू झूनी गांव के समीप की पहाड़ी से सैकड़ों धाराओं के रूप में प्रकट होती है। इसी स्थान को सरयू का मूल या सरमूल के नाम से जाना जाता है। जिस स्थान पर धाराएं नदी का रूप लेकर आगे बढ़ती हैं, उसे सहस्त्रधारा का नाम दिया गया है। इसी स्थान पर मां सरयू का मुख्य मंदिर बना है। सहस्त्रधारा से बहते हुए सरयू भद्रतुंगा पहुंचती हैं। यहां भी भगवान शिव, हनुमान और मां सरयू के मंदिर बने है। इसी पावन स्थान पर 11 जून 2018 को महामंडलेश्वर अभिराम दास त्यागी ने रामार्चन किया था और भव्य यज्ञ का आयोजन कराने पर चर्चा की थी।
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बैसाखी पूर्णिमा पर लगता है मेला, भव्य रामानंद आश्रम भी बना
बागेश्वर। सरमूल और भद्रतुंगा का जिले के रमणीक और आध्यात्मिक स्थलों में प्रमुख स्थान है। भद्रतुंगा में बैसाखी पूर्णिमा के दिन विशाल मेला लगता है। यहां उपनयन संस्कार और पितरों की शांति के लिए श्राद्धकर्म कराने का विशेष महत्व माना जाता है। वर्ष 2018 में भद्रतुंगा में महामंडलेश्वर अभिराम दास के भक्तों ने भव्य आश्रम का निर्माण शुरू करवाया। जिसे रामानंद आश्रम के नाम से जाना जाता है।
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सरमूल, सहस्त्रधारा और भद्रतुुंगा को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए वर्ष 2017 में सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति का गठन किया गया। समिति के संरक्षक महंत देवानंद दास, अध्यक्ष भगवत कोरंगा, सचिव कमला कुमल्टा और सलाहकार दयाल सिंह कुमल्टा के नेतृत्व में 10 से 17 जुलाई तक सहस्त्रधारा से बागेश्वर बागनाथ तक पदयात्रा निकाली गई। यात्रा के बाद समिति ने क्षेत्र के महत्व पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई और देश के विभिन्न अखाड़ों और देवस्थलों में प्रसारित किया। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी के पारिवारिक गुरु का भद्रतुंगा आना हुआ। वह इस स्थल से बेहद प्रभावित हुए और उन्हीं की प्रेरणा से हर साल देश के विभिन्न अखाड़ों सैकड़ों संत यहां आने लगे हैं।
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लघु अर्धकुंभ का कार्यक्रम
बागेश्वर। तीन मई को कलश यात्रा, पंचांग पूजन, कलश यात्रा, मंडप प्रवेश, ब्राह्मण वरण और अग्नि मंथन कार्यक्रम होंगे। चार से नौ मई तक रोजाना कथा प्रवचन, हवन और आरती का आयोजन होगा। 10 मई को कथा प्रवचन, हवन, भगवान सीताराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। 11 मई को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ लघु अर्धकुंभ संपन्न होगा।
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ग्रामीण संभालेंगे भंडारे की व्यवस्था
बागेश्वर। अर्धकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए भंडारा व्यवस्था, भोजन बनाने, परोसने का प्रबंध क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोग बारी-बारी संभालेंगे। तीन मई को झूनी, खलझूनी, चार को बैछम, मिकिलाखलपट्टा, नीड़-नगेड़ा, पांच को तरसाल-पतियासार, छह को सूपी, सात को तलाई, कंसाध, आठ को लाहुर, नौ को रिखाड़ी, गांसी और 10 मई को सलिंग, हरकोट, सुडिंग, सुमगढ़, पेठी, काफलीकमेड़ा के ग्रामीण भंडारे का प्रबंध करेंगे। 11 मई को सभी गांवों के लोग सामूहिक रूप से विशाल भंडारे का जिम्मा उठाएंगे।
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पूरी हुई तैयारी, खराब मौसम पेश करेगा चुनौती
बागेश्वर। आयोजन को संपन्न कराने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। भौर्याल स्वयं आयोजन स्थल पर डेरा डालकर व्यवस्थाएं करने में जुटे रहे। सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति के अध्यक्ष भगवत कोरंगा और सलाहकार दयाल कुमल्टा ने बताया कि आयोजन में जनता और जनप्रतिनिधियों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव की पहल पर झूनी मोटर मार्ग से मंदिर तक सड़क काटी गई है। 12 अस्थायी शौचालय बनाए जा रहे हैं। विधायक सुरेश गढि़या के निर्देश पर मंदिर तक बिजली की लाइन बिछा दी गई है। सरयू नदी से 500 मीटर पाइप खींचकर आश्रम में पानी की व्यवस्था की गई है। रामानंद आश्रम में बाहर से आने वाले साधु-संतों के रहने का प्रबंध किया गया है। हालांकि खराब मौसम के कारण सूपी तलाई से वैछम तक की कच्ची सड़क पर वाहन चलाने में परेशानी होगी। ऐसा होने पर भक्तों को करीब ढाई किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है।
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कैसे पहुंचें भद्रतुंगा
बागेश्वर। बागेश्वर से 48 किमी की दूरी पर बसा है बैछम गांव। इसी गांव में सरयू नदी के किनारे भद्रतुंगा स्थित है। जिला मुख्यालय से सूपी तक पक्का मोटर मार्ग बना है। सूपी, तलाई से झूनी के लिए कच्ची सड़क बनी है। इसी सड़क पर दो किमी के बाद बैछम गांव है।
कोट
भद्रतुंगा में पहली बार श्रीराम महायज्ञ कूर्मांचल लघु अर्धकुंभ कराया जा रहा है। आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में आने वालों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट

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