लोगों से बात करतीं मंत्री रेखा आर्य। संवाद
बागेश्वर। विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार का शोर चरम पर है। प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए हर जतन कर रहे हैं, लेकिन समस्याओं को लेकर अधिक बातें नहीं हो रही हैं। विधानसभा क्षेत्र के कई गांव सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जंगली जानवरों का भय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
ग्रामीण समय-समय पर इन मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते हैं, लेकिन नेताओं को केवल चुनाव के समय ही इनकी याद आती है। हर बार चुनाव पूर्व नेताओं की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, मगर चुनाव बाद वादों पर गंभीरता से कम ही अमल करते हैं। संवाद टीम ने ग्रामीण इलाके के लोगों से बातचीत कर ऐसी ही प्रमुख समस्याओं की जानकारी ली।
नारायण सिंह का कहना है कि नगरीय क्षेत्रों के विकास पर अधिक ध्यान दिया जाता है। हमारे गांव में आज भी हाईस्कूल नहीं है। स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव है। विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करने के लिए आठ से दस किमी दूर जाना पड़ता है।
नंद राम का कहना है कि गांव में संचार सुविधा नहीं है। बिजली की समस्या आए दिन बनी रहती है। गांव के पैदल रास्ते तक चलने लायक नहीं हैं। मोटर मार्ग की हालत खराब है। दूरस्थ गांव की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।