कौसानी पर्यटक आवास गृह पर बेटे दुष्यंत को पढ़ातीं सैलानी पुनीता। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। लॉकडाउन के बाद से कौसानी में फंसे विभिन्न राज्यों के सैलानी इन दिनों किताबें पढ़ने, टीवी देखने के साथ ही बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सैलानी बागवानी, पौधों को पानी देकर भी समय काट रहे हैं। कौसानी के पर्यटक आवास गृह, स्थानीय होटलों में 128 सैलानी लॉकडाउन के बाद से रुके हैं। यह लोग लॉकडाउन लागू होने (22 मार्च) से पहले जिले में आ गए थे। जिला प्रशासन ने इन लोगों को कौसानी के केएमवीएन गेस्टहाउस के साथ ही स्थानीय होटलों में रुकवाया है। इनके भोजन आदि की व्यवस्था प्रशासन कर रहा है। गृह मंत्रालय के आदेश के कारण बाहरी प्रदेशों के सैलानियों को जिले में रोका गया है। सैलानी मोबाइल, लैपटॉप से कार्यालय संबंधी काम निपटाने के साथ ही, किताब पढ़ने, टीवी देखकर समय बिता रहे हैं। दिल्ली के सैलानी अशोक कुमार किताबें पढ़ने के साथ ही बागवानी, फूलों को पानी देकर समय का सदुपयोग कर रहे हैं। दिल्ली की सैलानी पुनीता लैपटॉप पर आवश्यक निपटाने के साथ अपने बच्चे दुष्यंत को पढ़ा रही हैं। पश्चिम बंगाल के सैलानियों का कहना है कि लॉकडाउन खुलने का बेसब्री से इंतजार है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर उन्हें हरसंभव मदद दी जा रही है। आवश्यक चीजों की किसी प्रकार की कमी महसूस नहीं हो रही है। पश्चिम बंगाल के सैलानी सुब्रत गांगुली और रत्ना गांगुली कहते हैं कि वह लोग लॉकडाउन हटने का इंतजार कर रहे हैं।