बागेश्वर। बागेश्वर जिले के तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। कांडा और कपकोट सीएचसी में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। बैजनाथ सीएचसी में चार के सापेक्ष एक विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात हैं।
सीएचसी ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ होते हैं। इन पर ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य देखभाल का जिम्मा होता है। चिकित्सकों की कमी और सुविधाओं की कमी से इन अस्पतालों का समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। कपकोट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कपकोट सीएचसी में छह के सापेक्ष एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यही हाल कांडा सीएचसी का भी है। बैजनाथ सीएचसी में छह के सापेक्ष एक विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात है।
कपकोट और कांडा सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। कपकोट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो स्थापित कर दी लेकिन रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित नहीं किया। कपकोट में सप्ताह में दो दिन बैजनाथ अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट अल्ट्रासाउंड करते हैं। कांडा अस्पताल में न अल्ट्रासाउंड मशीन है और न ही रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित है। कांडा अस्पताल में एक्सरे की सुविधा तक नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कपकोट और कांडा के लोगों की जिला मुख्यालय पर निर्भरता बनी रहती है।
सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय से लगातार संपर्क किया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सक मिलते ही सीएचसी में तैनाती की जाएगी।
डॉ. सुनीता टम्टा, सीएमओ बागेश्वर।